भीमताल विकास भवन में सतत विकास लक्ष्यों पर एक दिवसीय कार्यशाला का हुआ आयोजन

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शनिवार को नियोजन विभाग द्वारा विकास भवन सभागार भीमताल में सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) और पीएम गति शक्ति के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु एक दिवसीय कार्यशाला संपन्न हुई।
कार्यशाला में स्थानीय अधिकारियों व प्रतिनिधियों को 2030 तक SDGs हासिल करने तथा बुनियादी ढांचा विकास (Infrastructure Development) के लिए पीएम गति शक्ति के अंतर्गत समन्वित योजना बनाने पर केंद्रित प्रशिक्षण दिया गया।

कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पाण्डे ने कहा कि किसी भी लक्ष्य को प्राप्ति करने हेतु आपसी समन्वय होना आवश्यकीय है, मिलकर कार्य करेंगे तो तभी विकास होगा। उन्होंने कार्यशाला में विभिन्न विभागों से आए अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि नैनीताल जिले को अव्वल लाने एवं एसडीजी के सभी 17 लक्ष्यों की पूर्ति हेतु संजीदगी से कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि कार्यशाला में शतत विकास हेतु जो भी जानकारी दी जा रही है, उसे आत्मशात करते हुए फील्ड में जाकर क्रियान्वित कर समय पर लक्ष्य की पूर्ति हो।

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कार्यशाला में बतौर मुख्य अतिथि उत्तराखंड सेतु निगम के निदेशक व अपर निदेशक अर्थ एवं संख्या मनोज पंत ने SDG के 17 लक्ष्यों गरीबी, शिक्षा, लैंगिक समानता, स्वास्थ्य आदि लक्ष्यों की जनपद की वर्तमान स्थिति से अवगत कराते हुए स्थानीय स्तर पर इसकी पूर्ति आदि के संबंध में प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि फील्ड कर्मियों की मेहनत से ही लक्ष्य की पूर्ति होती है जिले की बेहतर प्रगति हेतु क्षेत्र की मेहनत महत्वपूर्ण होती है उनकी मेहनत से ही लक्ष्य पूर्ति समय पर हो पाती है।

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उन्होंने सरकार के विकसित भारत विजन-2047 के लक्ष्यों आदि के संबंध में विस्तार से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि जब विकसित गांव होगा तभी विकसित जिला, राज्य एवं देश विकसित होगा। हमें सर्वप्रथम गांव को विकसित करने हेतु निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य करना होगा। उन्होंने अवगत कराया कि बेहतर कार्यान्वस्यन हेतु जिले का एक विजन तैयार करना होगा।इस दौरान उन्होंने उत्तराखंड विजन 2047 के बारे में भी विस्तार से अवगत कराया, साथ ही लक्ष्यों की पूर्ति हेतु आने वाली विभिन्न चुनोतियों एवं बेहतर प्लानिंग के बारे में अवगत कराया। उन्होंने विकास के विभिन्न इंडिकेटर बताए गए। उन्होंने कहा कि पीएम गति शक्ति के माध्यम से लॉजिस्टिक्स व कनेक्टिविटी में तेजी लाना है।अंत में श्री पंत ने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाओं का उद्देश्य समावेशी और टिकाऊ विकास सुनिश्चित करना है।
कार्यशाला में जीआईएस विशेषज्ञ द्वारा जीआईएस मैपिंग एवं उसके महत्व के बारे में सभी को जानकारी दी।

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कार्यशाला में जनपद नैनीताल के एसडीजी अचीवर जिन्हें पूर्व में राज्य स्तर पर सम्मानित किया गया है , उनके द्वारा भी अपने अनुभव कार्यशाला में साझा किए गए जिसमें चंदन सिंह नयाल द्वारा जल संरक्षण हेतु के कराए गए कार्य, जगदीश नेगी द्वारा पौधों के संरक्षण एवं नदी संरक्षण हेतु कराए गए कार्यों व बच्चे सिंह बिष्ट द्वारा पर्यावरण संरक्षण हेतु किए गए कार्यों व अपने अनुभव संझा किए।
कार्यशाला में संयुक्त निदेशक अर्थ एवं संख्या कुमाऊं राजेंद्र तिवारी, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी मुकेश नेगी,एपीडी चंद्रा फर्त्याल सहित सभी विभागों के अधिकारी,कर्मचारी मौजूद रहे।

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