देश के 26 राज्यों में पुरुषों के मुकाबले महिला कामगारों की संख्या अधिक हो गई है। श्रम मंत्रालय के ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण कराए श्रमिकों के आंकड़ों से यह खुलासा हुआ है। एक मई को श्रमिक दिवस मनाए जाने से पूर्व यह जानकारी सामने आई है।
कार्यबल में महिलाओं की कम भागीदारी पर चिंता जताई जाती रही है लेकिन आंकड़े बताते हैं कि अब ऐसा नहीं है। असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए बनाए गए इस पोर्टल पर अबतक 29.56 करोड़ श्रमिक पंजीकरण करा चुके हैं। इनमें महिलाओं की संख्या 53.14 फीसदी तथा पुरुषों की संख्या 46.86 फीसदी है। बिहार, उत्तर प्रदेश सहित 26 राज्यों में महिला श्रमिकों की संख्या पुरुषों से अधिक है। दिल्ली में दोनों की संख्या लगभग बराबर है।
करोड़ श्रमिक पंजीकरण करा चुके ई-श्रम पोर्टल पर, जिनमें महिलाएं अधिक
चिंता जलवायु परिवर्तन के खतरों को झेल रहे 70 श्रमिक
एक तरफ महिला कामगारों की अधिक संख्या राहत लेकर आ रही है तो वहीं दूसरी तरफ दुनियाभर में 70 फीसदी श्रमित जलवायु परिवर्तन से संबंधित स्वास्थ्य खतरों को झेल रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन की ओर से जारी हाल की रिपोर्ट में यह बताया गया है कि दुनियाभर में 2.4 अरब से अधिक श्रमिक अत्यधिक गर्मी की चपेट में हैं। रपोर्ट बताती है कि 1.6 अरब श्रमिक सूर्य की अल्ट्रा वॉयलेट किरणों के संपर्क में हैं जिससे त्चचा कैंसर जैसी बीमारियां होरहीं। दुनियाभर में कृषि क्षेत्र में काम कर रहे 87 करोड़ से अधिक श्रमिकों के कीटनाशकों के संपर्क में आने की संभावना है।
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