गरमपानी: क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। एक ओर जहाँ मुख्य पाइपलाइनों में रिसाव के कारण हजारों लीटर स्वच्छ पानी सड़कों और नालियों में बहकर बर्बाद हो रहा है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। आलम यह है कि लोगों के घरों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुँच पा रहा है, जिससे दैनिक कार्यों में भारी कठिनाई हो रही है।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि विभाग द्वारा इस समस्या का कोई ठोस समाधान नहीं निकाला जा रहा है। जब भी शिकायत की जाती है, तो कर्मचारी आकर केवल टेंपरेरी मरम्मत कर देते हैं। यह जुगाड़ कुछ ही दिनों तक टिक पाता है और पाइपलाइन फिर से फट जाती है। बार-बार होने वाली इस लीकेज से न केवल जल की बर्बादी हो रही है, बल्कि सड़क के किनारे गंदगी और कीचड़ का अंबार भी लग रहा है
लोगो का कहना है कि “एक तरफ सरकार जल जीवन मिशन की बातें करती है, वहीं दूसरी ओर धरातल पर पानी सड़कों पर बह रहा है।” लोगों ने विभाग से मांग की है कि पुरानी और जर्जर हो चुकी पाइपलाइनों को बदलकर स्थाई समाधान किया जाए।
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