नगर निकाय चुनाव के बाद अब त्रिस्तरीय पंचायत के चुनावों में भी देरी के आसार

ख़बर शेयर करें

नगर निकाय चुनाव के बाद अब त्रिस्तरीय पंचायत के चुनावों में भी देरी के आसार हैं, प्रदेश में पंचायतों का कार्यकाल नवंबर में समाप्त हो रहा है, लेकिन अब तक वार्ड परिसीमन का काम तक शुरू नहीं हो पाया है। इस कारण अब पंचायतों में भी प्रशासक बैठने के आसार बनते जा रहे हैं।

यह भी पढ़ें 👉  ग्रामीण युवाओं को मिलेगा निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण, रोजगार का भी अवसर

प्रदेश में हरिद्वार को छोड़कर शेष 12 जिलों में त्रिस्तरीय चुनाव नवंबर 2019 में सम्पन्न हुए थे, तब पंचायतों की पहली बैठक 22 नवंबर को हुई थी। इस तरह पंचायतों का पांच साल का कार्यकाल आगामी 22 नवंबर को समाप्त हो जाएगा। नियमानुसार इस तिथि से पहले प्रदेश में पंचायत चुनाव कराए जाने चाहिए। लेकिन पंचायत चुनाव से पहले वार्ड परिसीमन और वोटर लिस्ट बनाने जैसे काम अब तक प्रारंभ नहीं हो पाए हैं।

यह भी पढ़ें 👉  जिला बदर की कार्रवाई: दो आरोपियों को छह माह के लिए जिले से निष्कासित करने के आदेश

पंचायतीराज निदेशालय फरवरी माह में ही उक्त प्रस्ताव शासन के पास भेज चुका है, जिसे अब तक शासन की मंजूरी नहीं मिली है। वार्ड परिसीमन में कम से कम तीन महीने का समय लगेगा, इसके बाद इसी आधार पर राज्य निर्वाचन आयोग पंचायतों की वोटर लिस्ट तैयार करता है, जिसमें और चार महीने का समय लगता है। इसके बाद आरक्षण निर्धारण के बाद ही चुनाव हो पाएंगे, इस कारण चुनाव पूर्व कम से कम छह से सात महीने विभिन्न तरह की तैयारियों के लिए चाहिए। इधर, राज्य निर्वाचन आयोग भी दो माह पहले ही विभाग को पत्र लिखकर मई अंत तक वार्ड परिसीमन उपलब्ध कराने को कह चुका है।

Join WhatsApp Group

You cannot copy content of this page