उत्तराखंड के नगर निकाय चुनाव की दिशा में अहम कदम उठाते हुए प्रदेश सरकार ने नगर निकाय ऐक्ट में संशोधन मंजूर कर लिया

ख़बर शेयर करें

उत्तराखंड के नगर निकाय चुनाव की दिशा में अहम कदम उठाते हुए प्रदेश सरकार ने नगर निकाय ऐक्ट में संशोधन मंजूर कर लिया है। इसके लिए शहरी विकास विभाग के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विचलन से मंजूरी प्रदान की। इससे प्रदेश सरकार के पास एकल सदस्यीय आयोग की संस्तुति के क्रम में निकायवार ओबीसी आरक्षण बढ़ाने की संवैधानिक शक्ति आ गई है।

यह भी पढ़ें 👉  निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य ने पीएचसी ज्योलीकोट का किया निरीक्षण, पीलिया नियंत्रण हेतु 9 सूत्रीय कड़े निर्देश जारी

उत्तराखंड के नगर निकायों में अभी ओबीसी को 14 प्रतिशत आरक्षण प्राप्त है, लेकिन इस बार एकल सदस्यीय आयोग की रिपोर्ट के अनुसार,ओबीसी आरक्षण सभी स्तर पर बढ़ाया जाना है। इसके लिए शहरी विकास विभाग को नगर निकाय ऐक्ट में संशोधन करना पड़ रहा था, विभाग ने ऐक्ट संशोधित कर कैबिनेट की मंजूरी के लिए पेश किया था, जिसे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विचलन से ही मंजूरी प्रदान कर दी है। इस तरह विभाग का संशोधित ऐक्ट तैयार हो चुका है, अब विभाग, ऐक्ट लागू करने को नियमावली संशोधन की प्रक्रिया में जुटा है। इस क्रम में संशोधित नियमावली विधायी विभाग को भेज दी गई है, जिसे अंतिम मंजूरी के लिए कैबिनेट में रखा जाएगा।

यह भी पढ़ें 👉  ब्रेकिंग: भवाली के समाजसेवी शीलू कुमार ने थामा कांग्रेस का हाथ, नैनीताल विधानसभा सीट पर बढ़ी सियासी हलचल

उधर, इस बाबत पूछने पर शहरी विकास विभाग के प्रमुख सचिव आरके सुधांशु ने बताया कि ऐक्ट में संशोधन के अनुसार नियमावली में संशोधन किया जा रहा है। इसके बाद आरक्षण निर्धारण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। मेयर तथा अध्यक्षों का आरक्षण निदेशालय और वार्ड सदस्यों का आरक्षण जिला स्तर से घोषित करते हुए दावे-आपत्तियां मांगी जाएंगी। इसके बाद शासन निर्वाचन आयोग को चुनाव की अधिसूचना जारी करने पर सहमति दे सकता है। अब प्रदेश में 97 निकायों के लिए एक साथ चुनाव होगा। निकायों में प्रशासकों का कार्यकाल सितंबर तक बढ़ने के चलते निकाय चुनाव सितंबर-अक्तूबर तक होने की संभावना है।

Join WhatsApp Group

You cannot copy content of this page