उत्तराखंड में भूजल के व्यावसायिक प्रयोग के लिए अब शुल्क देना होगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में हुई कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया। इसके साथ ही सात अन्य अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने बताया कि भूजल-प्राकृतिक स्रोतों के पानी के व्यावसायिक प्रयोग के लिए पंजीकरण करना होगा। इसके लिए शुल्क पांच हजार होगा। हर माह प्रयोग होने वाले पानी का भुगतान एक रुपये से लेकर 120 रुपये प्रति किलोलीटर की दर से करना होगा। प्रोसेस इंडस्ट्री, कूलिंग, वॉशिंग समेत अन्य उद्योगों को भूजल के दोहन पर एक रुपये से लेकर सात रुपये प्रति किलोलीटर की दर से शुल्क देना होगा। भूजल, प्राकृतिक स्रोतों के पानी का कोल्ड ड्रिंक्स, मिनरल वॉटर आदि में इस्तेमाल करने वाले उद्योगों को एक रुपये से लेकर 120 रुपये प्रति किलो लीटर की दर से भुगतान करना होगा। इसके अलावा पानी का अन्य तरीके से व्यावसायिक इस्तेमाल पर प्रति किलोलीटर एक रुपये से लेकर 20 रुपये का भुगतान करना होगा।
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