ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी, भीमताल में राष्ट्रीय हैकाथॉन ‘हैक द विंटर – द सेकंड वेव’ का भव्य शुभारंभ

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भीमताल। ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी, भीमताल परिसर में 22 जनवरी को राष्ट्रीय स्तर के हैकाथॉन “हैक द विंटर – द सेकंड वेव (एंग्री बर्ड्स एडिशन)” का भव्य शुभारंभ हुआ। यह आयोजन छात्र-नेतृत्व वाली नवाचार और सहयोगात्मक शिक्षण पहलों की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में सामने आया।

इस राष्ट्रीय हैकाथॉन में देशभर से प्रतिभाशाली युवा प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें लगभग 65 प्रतिशत प्रतिभागी उत्तराखंड के बाहर से आए, जिससे आयोजन की राष्ट्रीय पहचान और प्रभाव स्पष्ट रूप से झलका। दो कठोर ऑनलाइन स्क्रीनिंग राउंड पार करने के बाद चयनित फाइनलिस्ट देश के विभिन्न कोनों से आए हैं—दक्षिण में चेन्नई से लेकर पश्चिम में मुंबई तक।

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24 घंटे का यह हैकाथॉन कक्षा से बाहर वास्तविक जीवन की समस्याओं पर कार्य करने का मंच प्रदान करता है, जिसका उद्देश्य नवाचार, टीमवर्क और अनुकूलन क्षमता को बढ़ावा देना है। उद्घाटन समारोह की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई, जिसने कार्यक्रम को प्रेरणादायी वातावरण प्रदान किया।

इस अवसर पर भीमताल परिसर के निदेशक ने अपने संबोधन में कहा कि आज के समय में हैकाथॉन केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि समाजोपयोगी समाधान विकसित करने का सशक्त मंच बन चुके हैं। उन्होंने छात्रों को समस्या कथनों को गहराई से समझने और सीखने की प्रक्रिया को सफलता का मूल मंत्र बताया।

कार्यक्रम को डॉ. अंकुर बिष्ट, विभागाध्यक्ष, कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग ने भी संबोधित किया। उन्होंने ग्राफिक एरा की सतत प्रगति और सशक्त नवाचार संस्कृति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भय का सबसे बड़ा उपचार साहस है। उन्होंने विश्वविद्यालय की अमेज़न वेब सर्विसेज, एनवीडिया और एप्पल iOS जैसी वैश्विक तकनीकी कंपनियों के साथ रणनीतिक साझेदारियों, अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं और उन्नत सर्वरों की जानकारी भी साझा की। साथ ही, उन्होंने आयोजन को सफल बनाने के लिए वीकोड क्लब और छात्र स्वयंसेवकों की सराहना की।

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कार्यक्रम में कुमाऊं की समृद्ध संस्कृति को दर्शाती सांस्कृतिक प्रस्तुति ने राष्ट्रीय आयोजन में स्थानीय रंग भर दिया। विशेष आकर्षण रहा प्रसिद्ध यूट्यूबर श्रीधर मंकर (5 मिनट इंजीनियरिंग चैनल) का संवादात्मक सत्र, जिसमें उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मजबूत कोडिंग फाउंडेशन और बदलते तकनीकी परिदृश्य में अनुकूलन क्षमता पर अपने अनुभव साझा किए।

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तकनीकी प्रदर्शन को और समृद्ध करते हुए गौरव गुप्ता, संस्थापक, टेककैड ने भारत के तीसरे और उत्तराखंड के पहले रोबो डॉग का प्रदर्शन किया। उन्होंने पायथन और सी++ जैसी प्रोग्रामिंग भाषाओं के माध्यम से एजीआई के व्यावहारिक उपयोग और बुद्धिमान रोबोटिक्स की संभावनाओं पर प्रकाश डाला।

इस हैकाथॉन में विजेताओं के लिए आकर्षक पुरस्कार रखे गए हैं, जिनमें प्रथम पुरस्कार के रूप में ₹1,30,000 मूल्य के आईपैड, द्वितीय पुरस्कार ₹60,000, तृतीय पुरस्कार ₹30,000 तथा श्रेष्ठ व्यक्तिगत प्रदर्शन के लिए ₹10,000 का विशेष पुरस्कार शामिल है। समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ, जिसके बाद प्रतिभागी अंतिम और रोमांचक चरण “इम्पैक्ट ज़ोन” के लिए जुट गए।

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