सरकार ने उपनल कर्मचारियों के समान कार्य समान वेतन के लिए संशोधित अनुबंध पत्र जारी किया है। इन कर्मचारियों का विभागीय अनुबंध अस्थाई के बजाय संविदा के आधार पर होगा, जिसे 60 वर्ष की आयु तक हर साल विस्तारित किया जाएगा।
कार्मिक विभाग अपर सचिव गिरधारी सिंह रावत ने मंगलवार को समान वेतन के लाभ के दायरे में आ रहे उपनल कर्मचारियों के लिए संशोधित अनुबंध पत्र जारी किया। कर्मचारियों की मांगों के अनुसार कई अहम बदलाव किए गए हैं।
पूर्व में जारी अनुबंध में इन्हें विभागों में अस्थाई तौर पर समायोजित करने की शर्त रखी गई थी, जिसका कर्मचारी विरोध कर रहे थे। अब उनका संविदा के आधार पर समायोजन किया जाएगा। साथ ही अब उपनल द्वारा तय अकुशल, अर्द्धकुशल से अधिकारी स्तर तक की सभी श्रेणियों को हटा दिया गया है। विभागीय पद की प्रवृत्ति के आधार संविदा पर तैनात होंगे। कर्मचारी एक कैलेंडर वर्ष में 12 आकस्मिक और 15 उपार्जित अवकाश ले सकेंगे। उपार्जित अवकाश अगले वर्ष अग्रसारित नहीं किया जाएगा। इन कर्मचारियों को हर साल सेवानिवृत्ति की आयु तक सेवा विस्तार मिलता रहेगा। उन्हें वेतन के साथ महंगाई भत्ता भी मिलेगा।
साथ ही ग्रेच्युटी कुल मानदेय में शामिल मानी जाएगी। प्रशासनिक कार्रवाई के मामलों में कर्मचारी को नियमानुसार सुनवाई का अवसर दिया जाएगा। आपके अपने अखबार हिन्दुस्तान ने मंगलवार के अंक में ही इन बदलाव के संकेत दे दिए थे।
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