बेटी की शादी के लिए नही बिका धान तो लगाई आग

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किच्छा। बेटी की शादी सिर पर, लेकिन धान नहीं बिक रही। एक महीने से चक्कर काट रहे किसान चंद्रपाल को बैंक का कर्ज और बेटी के शादी के खर्च की चिंता ने तोड़ दिया। परेशान चंद्रपाल ने सोमवार को सरकारी क्रय केंद्र पर अपने धान के ढेर में आग लगा दी। गनीमत रही कि मौके पर मौजूद अन्य किसानों ने उसे पकड़ लिया। तुरंत आग बुझा दी और नुकसान होने से बचा लिया। किच्छा ही नहीं, पूरे ऊधमसिंह नगर जिले में सरकारी क्रय केंद्रों पर धान खरीद बंद होने से किसान परेशान हैं।

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ग्राम दरऊ निवासी किसान चंद्रपाल की बेटी की शादी 15 दिन बाद होनी है। उन्होंने बताया कि बहेड़ी जिला बरेली (यूपी) में बेटी का रिश्ता तय हुआ है। धान बेचने से मिलने वाले रुपयों से शादी की तैयारी करनी है। लगभग 28 दिन पहले उन्होंने 60 कुंतल धान दरऊ केंद्र पर जमा किया, लेकिन केंद्र प्रभारी ने लिमिट पूरी होने का हवाला देकर तौल करने से मना कर दिया। वह रोज इस उम्मीद से केंद्र में जाते हैं कि आज धान बिकेगी, लेकिन मायूस घर लौटना पड़ता है। एक तो बैंक का कर्ज और दूसरा बेटी की शादी का खर्च, दोनों ने उन्हें मानसिक रूप से तोड़कर रख दिया है। चंद्रपाल का कहना है कि खुले बाजार में एमएसपी से काफी कम दाम मिल रहे हैं। इससे उनकी लागत भी नहीं निकलेगी। ऐसे में हताश होकर धान के ढेर में आग लगाने जैसा कदम उठाना पड़ा। वहीं कांग्रेस विधायक तिलक राज बेहड़ भी घटना के बाद दरऊ क्रय केंद्र पहुंचे। उन्होंने धान खरीद शुरू न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।

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