नैनीताल में क्या थी शत्रु सम्मति जाने
नैनीताल के मेट्रोपोल स्थित शत्रु सम्मति में जेसीबी ने अपना मुह मार दिया। छह साल पहले केंद्र सरकार की ओर से शत्रु संपत्ति संशोधन विधेयक को मंजूरी दिए जाने के बाद नैनीताल स्थित राजा महमूदाबाद की संपत्ति पूरी तरह सरकार के अधीन हो गई थी। राजा के परिजनों के लाख प्रयास के बाद भी यह संपत्ति उनके वारिसान के पक्ष में हस्तांतरित नहीं हुई। तब से जिलाधिकारी इस शत्रु संपत्ति के कस्टोडियन हैं। पूर्व अवध रियासत के सबसे बड़े जमींदार राजा महमूदाबाद ने आजादी | के बाद पाकिस्तान की नागरिकता ले ली थी। लिहाजा सरकार ने उनकी करोड़ों रुपये मूल्य की संपत्ति को शत्रु संपत्ति घोषित कर अपने कब्जे में ले लिया। उनके निधन के बाद उनके पुत्र अमीर मोहम्मद खान ने अपने पिता की संपत्ति को वापस लेने के लिए लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी जिसके बाद न्यायालय ने देश के विभिन्न हिस्सों में उन्हें उनके पिता की संपत्तियों का उत्तराधिकारी घोषित कर दिया था लेकिन नैनीताल समेत कुछ स्थानों पर मौजूद शत्रु संपत्ति के मामले अलग-अलग न्यायालयों में विचाराधीन होने के कारण यह संपत्ति राजा के उत्तराधिकारियों के नाम नहीं हो सकी।
भारत-पाक और भारत-चीन युद्ध के बाद भारत में रहने वाले जो नागरिक चीन या पाकिस्तान जाकर बस गए और बाद के वर्षों में उन्हें उसी देश की नागरिकता मिल गई, ऐसे लोगों की संपत्ति को शत्रु संपत्ति घोषित कर दिया गया। इसका स्वामित्व अब सरकार के पास
सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। जहां से वर्ष 2004 में न्यायालय ने वादी अमीर मोहम्मद खान के पक्ष में फैसला दिया, लेकिन तब प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की। वर्ष 2010 में सरकार ने शत्रु संपत्ति पर कब्जा बरकरार रखने के लिए एक अध्यादेश जारी किया। तब केंद्र सरकार ने अध्यादेश को कानून में बदलने के लिए शत्रु संपत्ति विधेयक को संसद में पारित कराने प्रयास किए. तब कुछ पार्टियों के विरोध से विधेयक पारित नहीं हो सका।
10 मार्च 2017 को शत्रु संपत्ति संशोधन एवं मान्यकरण विधेयक राज्यसभा में पारित हुआ था जिसे बाद में लोकसभा ने भी पारित कर दिया। तभी से शत्रु संपत्ति के सभी अधिकार कस्टोडियन के अधीन हो गए। इसी के बाद से शत्रु संपत्ति के हस्तांतरण की प्रक्रिया पर रोक लग गई। नैनीताल में वर्ष 1870 में निर्मित मेट्रोपोल होटल व इस परिसर में स्थित बताया जाता है कि वर्ष 2002 में उत्तर कई मकान व इससे लगी भूमि शत्रु संपत्ति प्रदेश स्थित शत्रु संपत्तियों का मामला के रूप में दर्ज है।
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