क्या है अनुच्छेद 370,कश्मीर डिवीजन में 47 और जम्मू डिवीजन में 43 सहित 90 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव होंगे।

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अनुच्छेद-370 ने जम्मू-कश्मीर को एक अलग संविधान, अलग ध्वज और आंतरिक प्रशासनिक स्वायत्तता रखने का अधिकार दिया, जबकि यह राज्य वर्ष 1952 से 31 अक्तूबर 2019 तक एक राज्य के रूप में भारत द्वारा शासित था।

सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने सोमवार को सर्वसम्मति से पूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद-370 के प्रावधानों को खत्म करने और राज्य को दो हिस्सों (जम्मू कश्मीर और लद्दाख)में विभाजित करने के केंद्र सरकार के फैसले को सही ठहराया है। पीठ ने केंद्र को जम्मू कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने की प्रक्रिया में तेजी लाने और चुनाव आयोग को वहां 30 सितंबर, 2024 तक चुनाव कराने का निर्देश भी दिया।

शीर्ष अदालत ने कहा कि जम्मू-कश्मीर राज्य की कोई आंतरिक संप्रभुता नहीं थी और भारतीय संविधान को वहां (जम्मू-कश्मीर में) लागू करने के लिए राज्य सरकार की सहमति की आवश्यकता नहीं थी। मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल, न्यायमूर्ति संजीव खन्ना, न्यायमूर्ति बी.आर. गवई और न्यायमूर्ति सूर्यकांत की पीठ ने अपने फैसले में कहा कि ‘अनुच्छेद-370 एक अस्थायी प्रावधान था और राष्ट्रपति को पूर्ववर्ती राज्य की संविधान सभा की गैर मौजूदगी में भी इसे रद्द करने का अधिकार था।

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मुख्य न्यायाधीश ने कहा, हमने माना है कि जब जम्मू-कश्मीर राज्य भारत संघ में शामिल हुआ तो उसने अपने पास संप्रभुता का कोई तत्व बरकरार नहीं रखा था। पीठ ने 1947 में भारत में शामिल होने पर राज्य को विशेष दर्जा देने वाले प्रावधानों को खत्म करने पर तीन सहमति वाले फैसले दिए।

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मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि केंद्र की ओर से बताया गया है कि जम्मू-कश्मीर की केंद्र शासित प्रदेश की स्थिति अस्थाई है और इसका राज्य का दर्जा बहाल किया जाएगा। मुख्य न्यायाधीश चंद्रचूड़ ने कहा कि सॉलिसिटर जनरल की दलीलों के मद्देनजर हमें यह निर्धारित करना आवश्यक नहीं लगता कि जम्मू-कश्मीर का पुनर्गठन वैध है या नहीं। हालांकि, फैसले में कहा गया है कि ‘यह सवाल खुला है कि क्या संसद किसी राज्य को केंद्र शासित प्रदेश में बदल सकती है? मुख्य न्यायाधीश के फैसले से न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और

क्या

क्या है अनुच्छेद 370

अनुच्छेद-370 ने जम्मू-कश्मीर को एक अलग संविधान, अलग ध्वज और आंतरिक प्रशासनिक स्वायत्तता रखने का अधिकार दिया, जबकि यह राज्य वर्ष 1952 से 31 अक्तूबर 2019 तक एक राज्य के रूप में भारत द्वारा शासित था।

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है अनुच्छेद 370

अनुच्छेद-370 ने जम्मू-कश्मीर को एक अलग संविधान, अलग ध्वज और आंतरिक प्रशासनिक स्वायत्तता रखने का अधिकार दिया, जबकि यह राज्य वर्ष 1952 से 31 अक्तूबर 2019 तक एक राज्य के रूप में भारत द्वारा शासित था।

संजीव खन्ना ने भी अपने-अपने फैसले में सहमति जताई।

लोकतंत्र और संघवाद संविधान की बुनियादी विशेषताएं उच्चतम न्यायालय ने फैसले में कहा कि लोकतंत्र और संघवाद संविधान की बुनियादी विशेषताएं हैं, लेकिन संवैधानिक ढांचे में कुछ ‘एकात्मक’ विशेषताएं हैं, जो केंद्र सरकार को शक्तियां प्रदान करती हैं जिनमें संघ के गठन से संबंधित शक्तियां भी शामिल हैं। 

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