बोरिंग बन्द होंने से बचाये जा सकेंगे जल स्रोत

ख़बर शेयर करें

सदियों से बहने वाला भीमताल ठंडी सड़क कुमाऊं राजमार्ग पर अचानक जल स्रोत के सूखने के कारणों की जिलाधिकारी के निर्देशों उपरांत जांच की प्रशासन टीम ने , बृजवासी ने बीते दिनों सूखे जल स्रोत के 500 मीटर दायरे में अवैध व निर्माणाधीन बोरिंगो की जांच एवं स्रोत पुनर्जीवित करने की माँग नैनीताल जिलाधिकारी वंदना सिंह चौहान जी से की थी, जिलाधिकारी ने जिस पर प्रशासन एवं विभागों की टीम को जांच के निर्देश दिए थे l

झीलों के शहर भीमताल कुमाऊँ राज मार्ग पर सदियों से बहने वाला 20 लीटर प्रति मिनट की क्षमता से ये जल स्रोत अचानक सूख चुका है, जिसके सूखने के कारण पता करने पर वन विभाग, प्राधिकरण विभाग, जल संस्थान, सिंचाई विभाग, नगर पंचायत के अधिकारी तकनीकी टीम न होने के कारण जांच करने में अक्षय दिखाई दिए, जबकि ये जल स्रोत खुले में दिखने वाला भीमताल झील को रीचार्ज करने का मुख्य स्रोत था, इसके सूखने से नगर वासी चिंतित हैं, स्थानीय लोगों का कहना है कि अपने जीवन काल में पहली बार ये स्रोत सूखा देखा, इस जल स्रोत के सूखने से आस-पास के इलाके में पानी की गंभीर समस्या हो गई है, इस जल स्रोत का पानी कुमाऊँ अंचल में तराई से लेकर पहाड़ तक के आते-जाते यात्री, ट्रांसपोर्ट वाले भी पीते थे, साथ भीमताल नगर की पानी की समस्या का ये जल स्रोत सभी नगर वासियों के लिये वैकल्पिक व्यवस्था थी, जल संरक्षण से जुड़ी गंभीर एवं चिंतित समस्या को देखते हुए नगर भीमताल के चिंतित सामाजिक कार्यकर्ता पूरन चंद्र बृजवासी अब तक दर्जनों बार निम्न स्तर से लेकर राज्य के माननीयों तक इस जल स्रोत की जांच कर पुनर्जीवित करने की मांग कर चुके हैं, पूर्व में मामला मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य सचिव कार्यालय तक पहुंचा चुके हैं किन्तु अब तक कार्यवाही नहीं हुई,जिस पर बृजवासी ने कुछ दिन पूर्व पुनः जिला अधिकारी वंदना सिंह से कार्यवाही की मांग की डीएम ने जिले के विभागीय टीमों को सूखे जल स्रोत का मौका मुआयना जांच करने का उन्हें निर्देश दिया था , जिस पर बीते दिनों जिला प्रशासन की गठित सिंचाई विभाग टीम ने दौरा किया और सिंचाई विभाग के एसडीओ दिनेश सिंह रावत ने टीम के साथ सूखे जल स्रोत और उसके ऊपर निर्माणाधीन पहाड़ी का बारीकी से दौरा कर अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौपने की बात कही है l
ब्रजवासी ने जिलाधिकारी से इस पहाड़ी पर पर राजस्व विभाग की टीम को भेजकर बोरिंग की जांच कर जल स्रोत को जल विशेषज्ञ टीम द्वारा पुनर्जीवित करने की मांग की है l

यह भी पढ़ें 👉  कैंची धाम मेला ड्यूटी में आए पुलिसकर्मियों पर छेड़छाड़ का आरोप, चौकी घेरी
Join WhatsApp Group
Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad

You cannot copy content of this page