भवाली में उत्तरांचल वन श्रमिक संघ की बैठक में उठाई आवाज

ख़बर शेयर करें

भवाली। गुरुवार को उत्तरांचल वन श्रमिक संघ रानीबाग नैनीताल संघ की बैठक भवाली वन विश्राम भवन आयोजित की गई। इस दौरान दैनिक श्रमिकों की समस्याओं पर चर्चा की गई। मूल वेतन के साथ मंहगाई भत्ते पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि वर्ष फरवरी 2020 से उच्चतम न्यायालय नई दिल्ली के आदेश व राज्यपाल के सहर्ष स्वीकृति के पश्चात् उत्तरांचल वन श्रमिक संघ, रानीबाग, नैनीताल संघ के दैनिक श्रमिको को 3 साल तक मूल वेतन व महंगाई भत्ता मिला, उसके बाद नवम्बर 2023 से विभाग द्वारा इस पर रोक लगा दी गई है। जिससे दैनिक श्रमिक काफी हताश हुए है। इसी क्रम में दैनिक श्रमिकों के विनियमितिकरण की कार्यवाही की जा रही थी, जिसमें सरकार द्वारा 2013 की विनियमितिकरण नियमावली पर स्टे होने के कारण रोक लगा दी गई थी। वर्तमान समय में कोर्ट से 2013 की विनियमितिकरण नियमावली पर लगा स्टे खारीज होने के पश्चात् भी वन विभाग श्रमिकों के विनियमितिकरण की ओर कोई ध्यान नही दिया जा रहा है। वक्ताओं ने कहा संघ द्वारा इस विषय पर देहरादून में वन सचिव वन विभाग के उच्च अधिकारीयों से कई पत्राचर किये गए, लेकिन परिणाम कुछ नही निकला। कहा कि दैनिक श्रमिकों के बीमा, वेतन में ईपीएफ प्रतिमाह के वेतन समय पर न मिलने से परेशान हैं। दैनिक श्रमिक वनाग्नि, रात्रीगश्त, मानव वन्य जीव प्रकरण अनेक प्रकार के जोखिम भरे कार्यों में अपना पूर्ण सहयोग देते हैं। उसके बाद भी वेतन व विनियमितिकरण व बीमा जैसे प्रकरणों को संज्ञान में नहीं लिया जा रहा है। जिससे सम्पूर्ण कुमांऊ व गढ़वाल के दैनिक श्रमिक काफी चिन्तित व आक्रोश में हैं। इस दौरान एडवोकेट के के जोशी, अध्यक्ष जीवन सिंह रजवार, महामंत्री जितेन्द्र सिंह रावत,भूपाल सिंह बगड़वाल, कुन्दन सिंह, नन्दन सिंह, नित्यानन्द पाण्डे, लाल सिंह जीना, उमेश चन्द्र तिवारी, मोहन चन्द्र जोशी, किशोर सिंह, तारा सिंह, संतोश. सिंह, राजेन्द्र कुमार, दलीप सिंह, रूपा देवी आदि रहे।

Join WhatsApp Group

You cannot copy content of this page