रविवार शाम चार से रात दस बजे तक पहाड़ की ओर यातायात रोका जाएगा
भवाली। लॉन्ग वीकेंड और मौसम साफ होने के बाद नैनीताल, कैंची धाम, भवाली, भीमताल, अल्मोड़ा और जागेश्वर में पर्यटकों व श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। बीते दिन पहाड़ी क्षेत्रों की ओर 35 हजार से अधिक वाहनों की आवाजाही दर्ज होने के बाद नैनीताल पुलिस ने यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया है। सभी राजपत्रित अधिकारी, थानाध्यक्ष और पुलिस बल प्रमुख स्थानों पर तैनात होकर यातायात व्यवस्था संभाल रहे हैं।
पुलिस के अनुसार कैंची धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को निजी वाहन मंदिर तक ले जाने की अनुमति नहीं होगी। श्रद्धालुओं को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर वाहन खड़ा कर शटल सेवा से कैंची धाम पहुंचना होगा। भीमताल विकास भवन, भवाली चौराहा और सैनिटोरियम से शटल सेवाएं संचालित की जा रही हैं। इन स्थानों से आगे निजी वाहनों की आवाजाही निर्धारित व्यवस्था के अनुसार प्रतिबंधित रहेगी।
आज शाम पांच बजे से वन-वे व्यवस्था
पुलिस के अनुसार शनिवार शाम पांच बजे के बाद यातायात वन-वे व्यवस्था में संचालित किया जाएगा। भीमताल तिराहे की ओर से वाहनों को नीचे की ओर एग्जिट कराया जाएगा। वहीं शाम 5:30 बजे के बाद नैनीताल की ओर जाने वाले यातायात को करीब तीन घंटे तक नियंत्रित किया जाएगा, ताकि पहाड़ से नीचे आने वाले वाहनों का यातायात सुचारु कराया जा सके।
रविवार शाम चार से दस बजे तक पहाड़ जाने से बचें
रविवार को शाम चार बजे से रात दस बजे तक हल्द्वानी-काठगोदाम से नैनीताल, भीमताल और भवाली की ओर जाने वाले यातायात को छह घंटे के लिए रोका जाएगा। इस दौरान नैनीताल, कैंची धाम, भीमताल और भवाली से आने वाले वाहनों के एग्जिट को प्राथमिकता दी जाएगी। पुलिस ने स्थानीय लोगों से इस अवधि में अनावश्यक रूप से पहाड़ की ओर यात्रा न करने और यात्रा पूर्व नियोजित करने की अपील की है।
नैनीताल जाने वाले वाहन कालाढूंगी मार्ग का इस्तेमाल कर सकेंगे। वहीं रुद्रपुर, बाजपुर, रामनगर, काशीपुर और मुखानी क्षेत्र से आने-जाने वाले वाहनों के लिए मुखानी-फतेहपुर-पटवा डांगर मार्ग का प्रयोग करने की सलाह दी गई है। आवश्यकता के अनुसार रामनगर, मुक्तेश्वर और फतेहपुर की ओर जाने वाले वैकल्पिक मार्गों का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
कैंची धाम में वन-वे दर्शन व्यवस्था
कैंची धाम में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वन-वे दर्शन व्यवस्था लागू की गई है। श्रद्धालुओं के प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए गए हैं। पुलिस, यातायात पुलिस, आरटीओ और संबंधित विभाग संयुक्त रूप से यातायात व्यवस्था संभाल रहे हैं। पुलिस ने पर्यटकों और श्रद्धालुओं से निर्धारित रूट व शटल सेवा का प्रयोग करने तथा पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
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