होटल-होमस्टे पंजीकरण की नई नियमावली से छोटे कारोबारियों पर न पड़े अतिरिक्त बोझ
पंजीकरण और नवीनीकरण की प्रक्रिया सरल व पारदर्शी बनाने की उठाई मांग
नैनीताल। होटल एवं होमस्टे के पंजीकरण और नवीनीकरण को लेकर पर्यटन विभाग की नई नियमावली पर पर्यटन कारोबारियों के हितों को ध्यान में रखने की मांग उठने लगी है। भाजपा जिला नैनीताल के पर्यटन गतिविधि प्रकोष्ठ के जिला संयोजक अखिलेश सेमवाल ने कहा कि उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था में पर्यटन व्यवसाय की अहम भूमिका है। प्रदेश के हजारों परिवार होटल, होमस्टे, रेस्टोरेंट और अन्य पर्यटन गतिविधियों के माध्यम से अपनी आजीविका चला रहे हैं। ऐसे में नई नियमावली बनाते समय छोटे और मध्यम कारोबारियों की आर्थिक स्थिति और व्यावहारिक कठिनाइयों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड को धार्मिक, आध्यात्मिक और प्राकृतिक पर्यटन के वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में भी कार्य हो रहा है।
सेमवाल ने कहा कि होटल एवं होमस्टे के पंजीकरण के साथ प्रत्येक पांच वर्ष में नवीनीकरण और इसके लिए निर्धारित शुल्क को लेकर छोटे कारोबारियों की समस्याओं को समझना जरूरी है। उन्होंने सुझाव दिया कि पंजीकरण की प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और व्यवसायियों के अनुकूल बनाई जाए, ताकि छोटे होटल संचालकों और होमस्टे व्यवसायियों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े। पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय कारोबारियों के हितों की रक्षा करना भी जरूरी है।
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