जनता को अपने प्रधानमंत्री को नजदीक से देखने का मौका नहीं मिलेगा, पास होकर भी रहेंगे दूर

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देश की आजादी के 76 वर्षो में पहली बार कोई प्रधानमंत्री चीन सीमा से लगे ज्योलिंगकोंग क्षेत्र में पहुंच रहे हैं, लेकिन अपने ही क्षेत्र में होने के बावजूद भी सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले सैकड़ों लोग प्रधानमंत्री को आमने-सामने से नहीं देख पाएंगे। पीएम मोदी की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन एक गांव से एक या दो लोगों को ही पास जारी कर सकता है। ऐसे में अधिकतर लोग कार्यक्रम से दूर ही रहेंगे।

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धारचूला का ज्योलिंगकोंग क्षेत्र व्यास घाटी में मौजूद है। यहां सात गांव बूदी, गर्ब्यांग, नपलच्यू, रोगकोंग, गुंजी, नाबी, कुटी हैं। इनमें करीब 5हजार की आबादी है, लेकिन वर्तमान में यहां केवल दो हजार के आसपास लोग रहते हैं। मोदी के आगामी 12अक्तूबर के ज्योलिंगकोंग कार्यक्रम को लेकर यहां रहने वाले लोगों में खासा उत्साह है। हो भी क्यों न पहली बार जो कोई प्रधानमंत्री यहां पहुंच रहे हैं, लेकिन ग्रामीणों को अपने प्रधानमंत्री के नजदीक से देखने का मौका नहीं मिलेगा।
पीएम मोदी का अब तक प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार वह दिल्ली से सीधे ज्योलिंगकोंग पहुंचेंगे। यहां आदि कैलाश और ओम पर्वत के दर्शन के बाद वह जागेश्वर रवाना होंगे। पीएम गुंजी में भी कार्यक्रम कर लोगों को संबोधित करेंगे। वहां पर स्थानीय लोग प्रधानमंत्री मोदी से मिल सकेंगे। हांलाकि अभी अधिकारिक तौर पर गुंजी में कार्यक्रम की पुष्टि नहीं है।

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