स्कूली बसों की अब हर साल जांच करवानी होगी। बच्चों की सुरक्षा के लिए परिवहन विभाग ने हल्द्वानी संभाग में यह नियम लागू किया है। पिछले साल स्कूल बस में आग लगने की दो घटना होने पर विभाग ने यह पहल की है। नए नियम के अनुसार अब एक साल के बाद बस निर्माता कंपनी या संबंधित डीलरशिप से बस की जांच करानी होगी और इसका प्रमाण पत्र विभाग में जमा कराना होगा।
प्राइवेट स्कूलों में स्कूल बसों का संचालन होता है। इनमें अधिकांश बसें बीएस-4 और 6 मॉडल की हैं, जिनमें इलेक्ट्रिक वायरिंग होती है। इसमें खराबी आने पर ऐसे हादसे होते हैं। पिछले साल की दो घटनाओं की विभाग स्तर से की गई जांच में वायरिंग की गड़बड़ी को इन घटनाओं के लिए जिम्मेदार माना गया। अब इसके समाधान के लिए विभाग ने हल्द्वानी परिवहन संभाग में पहल की है। नए नियम के अनुसार, हल्द्वानी संभाग में आने वाले नैनीताल, ऊधमसिंह नगर और चम्पावत जिलों में अब सभी निजी स्कूलों को साल में एक बार बस की वायरिंग की जांच करानी होगी। बस की जांच उसकी निर्माता कंपनी या संबंधित एजेंसी से कराकर इसका प्रमाण पत्र परिवहन विभाग में जमा करना होगा। ऐसा नहीं किए जाने पर स्कूल बस का संचालन करना संभव नहीं होगा। संभागीय परिवहन अधिकारी संदीप सैनी ने बताया कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए संभाग में यह नया नियम बनाया गया है। इसका पालन नहीं होने पर स्कूल बस संचालन प्रतिबंधित किया जाएगा।
लेटैस्ट न्यूज़ अपडेट पाने हेतु -
👉 वॉट्स्ऐप पर हमारे समाचार ग्रुप से जुड़ें

