उत्तराखंड हाईकोर्ट प्रदेश में निकाय चुनाव न कराए जाने से जुड़ी जनहित याचिका पर 9 जनवरी को सुनवाई करेगा। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी व न्यायमूर्ति विवेक भारती शर्मा की खंडपीठ ने सोमवार को मामले में सुनवाई की अगली तिथि तय की। इससे पूर्व भी इस मामले में एक याचिका विचाराधीन है।
मामले के अनुसार नैनीताल निवासी वरिष्ठ पत्रकार राजीव लोचन
साह ने जनहित याचिका दायर की है। इसमें कहा है कि नगर
निकायों का कार्यकाल दिसंबर में समाप्त हो गया है। कार्यकाल
समाप्त हुए एक सप्ताह बीत गया है फिर भी सरकार ने चुनाव कराने
का कार्यक्रम घोषित नहीं किया है। उल्टा निकायों में अपने प्रशासक
नियुक्त कर दिए। प्रशासक नियुक्त होने की वजह से आमजन को
कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जबकि निकायों के
चुनाव कराने के लिए सरकार को याद दिलाने के लिए पूर्व से ही एक
जनहित याचिका कोर्ट में विचाराधीन है। साह ने जनहित याचिका
में कहा है कि सरकार को कोई अधिकार नहीं है कि वे निकायों का
कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रशासक नियुक्त करे। प्रशासक
तब नियुक्त किया जाता है जब कोई निकाय भंग की जाती है। उस
स्थिति में भी सरकार को छह माह के भीतर चुनाव कराना आवश्यक
होता है। यहां इसका उल्टा है। ऐसे में प्रशासक नियुक्त करना
संविधान के विरुद्ध है।
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