काफी समय के बाद उत्तराखंड में होने जा रहे निकाय चुनाव में इस बार आरक्षण की स्थिति काफी बदलने वाली है। आरक्षण बदलने का सबसे ज्यादा फायदा ओबीसी वर्ग को होने जा रहा है जिसमें 14% से बढ़कर आरक्षण 38.97% तक पहुंच रहा है। आरक्षण की है सीमा आबादी को देखकर तय की गई है जिसके बाद यह तय माना जा रहा है कि ओबीसी में नगर पंचायत से लेकर के मेयर तक के चुनाव में काफी सीटें बढ़ेंगी।
उत्तराखंड के निकाय चुनाव में इस बार नगर पंचायतों में ओबीसी का आरक्षण अध्यक्ष पद पर सबसे अधिक होगा। ओबीसी आरक्षण के लिए गठित एकल सदस्यीय समर्पित आयोग ने नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद पर सर्वाधिक 38.97 प्रतिशत आरक्षण की सिफारिश की है। वहीं, नगर पालिकाओं में अध्यक्ष पद पर 28.10 प्रतिशत आरक्षण की सिफारिश की है। 2018 के चुनाव में सभी नगर पंचायतों, नगर पालिकाओं में अध्यक्ष पद के लिए ओबीसी को 14 प्रतिशत आरक्षण दिया गया था। लेकिन इस बार यह आरक्षण बढ़ने वाला है। एकल सदस्यीय समर्पित आयोग ने इसके लिए सभी नि ओबीसी सर्वेक्षण कराया।
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