पटवारी व्यवस्था खत्म करने का निर्णय, 18 सौ गाँवो से खत्म होगी व्यवस्था, पुलिस को सौपा

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राज्य सरकार उत्तराखंड में धीरे-धीरे राजस्व पुलिस की व्यवस्था को खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसी क्रम में राजस्व पुलिस क्षेत्र के 1800 गांवों को रेगुलर पुलिस के हवाले कर दिया है।

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पिछले साल सितंबर माह में यमकेश्वर ब्लाक के राजस्व क्षेत्र में स्थित गंगाभोगपुर के वनंतरा रिजोर्ट में काम करने वाले अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद उत्तराखंड में पटवारी व्यवस्था पर सवाल खड़े होने लगे। इसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने पर्यटन क्षेत्रों के आसपास के गांवों को पुलिस के अधीन करने के निर्देश दिए थे। ऐसे क्षेत्रों को चरणबद्ध तरीके से पुलिस के अधीन करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सोमवार को गृह विभाग ने राज्य के 52 थाने और 19 रिपोर्टिंग चौकियों का सीमा विस्तार कर दिया है। इसके अंतर्गत 1800 गांवों को पुलिस के अधीन कर दिया है।

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