भवाली। रामगढ़ ब्लॉक वन पंचायत संघर्ष मोर्चा के सरपंच अध्यक्ष कमल सुनाल 15 सूत्रीय मांगों को लेकर शिष्टमंडल के साथ मुख्यमंत्री कार्यालय पहुँचे। उन्होंने ज्ञापन सौप कर कहा कि
राज्य में वन पंचायतों का गठन (चुनाव) एक साथ जून माह में करवाये जाये।वन पंचायतों के अन्तर्गत वनाग्नि रोकथाम एवं आवश्यक धनराशि वन पंचायतों के खातों में प्रतिवर्ष माह जनवरी में हस्तान्तरित की जाये। जिससे वन पंचायतों में वनाग्नि नियंत्रण प्रबन्धन समय से हो सकेगा।
कहा वनाग्नि सुरक्षा का ग्राम स्तरीय अध्यक्ष वन पंचायत सरपंच को नामित किया जाये। वन पंचायतों के अन्तर्गत गिरे, सूखे वृक्षों के निस्तारण एवं चरान-चुगान की अनुमति का अधिकार वन पंचायत सरपंचों को अनुमन्य कराया जाये। राज्य की वन पंचायतों का सीमांकन राजस्व विभाग के माध्यम से करवाने की प्रक्रिया हो, कम क्षेत्रफल वाली वन पंचायतों का पुनर्गठन के आधार पर क्षेत्रफल बढ़ाया जा सके। वन पंचायत क्षेत्रों के अन्तर्गत लीसा विदोहन की रॉयल्टी समयान्तर्गत उपलब्ध करायी जाये।
आगे खास कि राज्य की वन पंचायतों के माइक्रोप्लान विभाग द्वारा वन पंचायत सरपंचों की देख-रेख एवं सहमति से तैयार करवाये जायें।
जंगली जानवरों द्वारा कृषि एवं बागवानी की क्षति को रोकने हेतु ठोस उपाय करते हुए अनुग्रह राशि का भुगतान समयान्तर्गत सुनिश्चित कराया जाये। हिंसक वन्यजीवों से जानमाल की क्षति को रोकने हेतु ठोस कार्यवाही की जाये। जंगली जानवरों द्वारा जनहानि के मामलों में अनुग्रह राशि को कम-से-कम 10 लाख किया जाये।
इस दौरान भोपाल सिंह भंडारी, घनानंद शर्मा, विनोद पाण्डे, राजू खत्री, भीम सिंह नेगी आदि रहे।
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