भवाली में पुत्र वियोग के प्रसंग ने दर्शकों को किया भावुक

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भवाली। भवाली आदर्श रामलीला कमेटी के तत्वावधान में आयोजित रामलीला के चतुर्थ दिवस पर भगवान श्रीराम के वनवास से लेकर राजा दशरथ के प्राण त्यागने तक के प्रसंगों का भावपूर्ण मंचन किया गया। कलाकारों ने अपने सजीव अभिनय से रामायण के इन महत्वपूर्ण प्रसंगों को मंच पर उतारकर दर्शकों को भावविभोर कर दिया। राम के वनवास, अयोध्या में छाए शोक और पुत्र वियोग में राजा दशरथ की पीड़ा के दृश्यों ने दर्शकों को भावुक कर दिया।
रामलीला देखने के लिए भवाली सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों और दूर-दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। मंच पर कलाकारों के अभिनय के दौरान दर्शक पूरी तन्मयता से रामलीला देखते रहे। रामायण के प्रसंगों के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों, माता-पिता के प्रति कर्तव्य और पारिवारिक संबंधों की महत्ता का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि समाजसेवी दर्शन सिंह नेगी और आचार्य कैलाश चन्द्र सुयाल रहे। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष बालम सिंह मेहरा के नेतृत्व में धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन किया जा रहा है। रामलीला के माध्यम से क्षेत्र की पारंपरिक सांस्कृतिक विरासत को संजोने के साथ ही नई पीढ़ी को भगवान श्रीराम के आदर्शों से परिचित कराने का प्रयास किया जा रहा है।
रामलीला के आयोजन को लेकर क्षेत्र के लोगों में उत्साह बना हुआ है। प्रतिदिन होने वाले मंचन को देखने के लिए श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। आयोजन से भवाली में भक्तिमय माहौल बना हुआ है। इस दौरान राजेन्द्र प्रसाद कपिल, हरि शंकर कांडपाल, अभिषेक मेहता, गणेश पंत, संजय जोशी, मोहन जोशी, पवन भाकुनी आदि रहे।

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