अनुसूचित जाति-जनजाति शिक्षक एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को भेजा 19 सूत्रीय मांगपत्र

ख़बर शेयर करें

भवाली। अनुसूचित जाति-जनजाति शिक्षक एसोसिएशन, उत्तराखंड की ओर से मुख्यमंत्री को 19 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन भेजा गया। ज्ञापन में शिक्षक-कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं सामाजिक न्याय से जुड़े विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया है।
संगठन ने कहा कि प्रदेशभर के जनपदों, ब्लॉकों और मंडलों में कार्यरत शिक्षक-कर्मचारियों, विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं सामाजिक प्रतिनिधियों के साथ व्यापक संवाद और क्षेत्रीय समीक्षा के बाद शिक्षा, आरक्षण, छात्र कल्याण, पदोन्नति, सेवा सुरक्षा और समान अवसरों से संबंधित कई समस्याएं सामने आई हैं।
ज्ञापन में संविधान के अनुच्छेद 14, 15(4), 16(4), 21, 38, 46 और 335 का उल्लेख करते हुए सामाजिक न्याय और कमजोर वर्गों के संरक्षण की मांग की गई।
एसोसिएशन ने अनुसूचित जाति-जनजाति विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति राशि बढ़ाने, समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने और पात्रता नियमों में शिथिलीकरण की मांग उठाई। इसके अलावा इरशाद हुसैन आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक करने तथा उसकी संस्तुतियों पर शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की गई।
संगठन ने प्रत्येक वर्ष पारदर्शी ऑनलाइन स्थानांतरण प्रक्रिया लागू करने, लंबित पदोन्नति प्रक्रिया शुरू करने और पदोन्नति में आरक्षण संबंधी प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने की मांग भी रखी।
ज्ञापन में आरक्षण रोस्टर प्रणाली का सख्ती से पालन, विभागवार बैकलॉग रिक्तियों को भरने के लिए विशेष भर्ती अभियान चलाने और दुर्गम क्षेत्रों के लिए संतुलित नियुक्ति एवं स्थानांतरण नीति लागू करने की मांग की गई।
इसके साथ ही उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, छात्रावास और डिजिटल सहायता योजनाओं को मजबूत करने, संविदा एवं आउटसोर्सिंग सेवाओं में आरक्षण लागू करने तथा अशासकीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक-कर्मचारियों के वेतन भुगतान की स्थायी और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई गई। इस दौरान ब्लॉक अध्यक्ष लीलाधर टम्टा, हेम चन्द्र आर्य, रवींद्र कुमार, भुवन चन्द्र आर्य, रामकुमार आदि रहे।

Join WhatsApp Group

You cannot copy content of this page