- पर्यटन कारोबार पर पड़ रहा असर
- 4 करोड़ से अधिक की पार्किंग बनी फिर भी शहर तक नहीं पहुंच रहे पर्यटक ::पड़ताल::
भवाली। पर्यटन सीजन के चरम पर जहां एक ओर भवाली नगर में होटल, रेस्टोरेंट और व्यापारिक प्रतिष्ठान पर्यटकों की आमद का इंतजार कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर शहर के बाहर ही पर्यटक वाहनों को रोकने की व्यवस्था स्थानीय कारोबारियों की चिंता बढ़ा रही है। स्थिति यह है कि करीब 4 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित रोडवेज पार्किंग खाली पड़ी है, जबकि अधिकांश पर्यटक वाहनों को भीमताल सेनिटोरियम क्षेत्र में रोक दिया जा रहा है। रविवार को की गई पड़ताल में रोडवेज पार्किंग में मात्र पांच वाहन खड़े मिले। जबकि पार्किंग में चार पहिया वाहनों के लिए 110 रुपये और दो पहिया वाहनों के लिए 25 रुपये (8 घंटे तक) का शुल्क निर्धारित है। यहां करीब 120 वाहन खड़े किए जा सकते है। वही सेनिटोरियम रातिघाट सड़क में दोनों ओर वाहनो को खतरे की जड़ में खड़ा किया जा रहा है। जिससे गांव के लोगो के साथ पर्यटक भी परेशान हो रहे है। वह अन्य पर्यटक स्थलों को ना जाकर वापस जा रहे है। इसके बावजूद पार्किंग का अपेक्षित उपयोग नहीं हो पा रहा है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि सेनिटोरियम में वाहन रोकने के कारण बड़ी संख्या में पर्यटक भवाली बाजार तक पहुंच ही नहीं पाते। कई पर्यटक कैंची धाम या अन्य स्थलों के दर्शन कर सीधे वापस लौट जाते हैं, जिससे नगर के होटल, रेस्टोरेंट और अन्य कारोबार प्रभावित हो रहे हैं।
होटल कारोबारी पुष्पेश पाण्डे का कहना है कि प्रशासन को पहले भवाली नगर की सभी उपलब्ध पार्किंगों को भरने की व्यवस्था करनी चाहिए। उनका कहना है कि जब नगर की पार्किंग और रोडवेज पार्किंग पूरी तरह भर जाएं, तब आवश्यकता पड़ने पर सेनिटोरियम क्षेत्र में वाहनों को रोका जाए। इससे पर्यटक शहर में आएंगे और स्थानीय व्यापार को भी लाभ मिलेगा। वहीं होटल एसोसिएशन अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद कपिल ने कहा कि प्रशासन को होटल और पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों की समस्याओं पर भी ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि कई लोगों ने लाखों रुपये निवेश कर होटल और रेस्टोरेंट लीज पर लिए हैं। यदि पर्यटकों को शहर से बाहर ही रोक दिया जाएगा तो कारोबारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
पर्यटन और व्यापार के बीच संतुलन की चुनौती
कैंची धाम और आसपास के पर्यटन स्थलों पर बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन यातायात प्रबंधन की व्यवस्था लागू कर रहा है। लेकिन स्थानीय कारोबारियों का मानना है कि भीड़ नियंत्रण के साथ साथ भवाली के व्यापारिक हितों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। जब करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई गई रोडवेज पार्किंग खाली है, तो फिर पर्यटक वाहनों को शहर के बाहर ही क्यों रोका जा रहा है?
यही सवाल अब होटल कारोबारियों, व्यापारियों और स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। उनका कहना है कि यदि नगर की पार्किंगों का सही उपयोग किया जाए तो यातायात व्यवस्था भी सुचारू रह सकती है और स्थानीय पर्यटन व्यवसाय को भी राहत मिल सकती है।
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