राम मंदिर में रामायण प्रसंगों पर 164 मूर्तियां लगेंगी

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श्री राम जन्मभूमि में रामलला के साथ-साथ अन्य देवी-देवताओं की ढेरों मूर्तियां तो होंगी ही, रामायण के प्रसंगों को भी मूर्तियों के जरिए दर्शाया जाएगा। इसके लिए कारसेवकपुरम स्थित रामकथा कुंज स्थित कार्यशाला में निर्माण जोर-शोर से हो रहा है। ये मूर्तियां राम जन्म से राज्याभिषेक तक की गाथा सुनाएंगी। इनके जरिए मंदिर में त्रेता युग जीवंत करने की तैयारी है।

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राम मंदिर में रामायण प्रसंगों पर 164 मूर्तियां लगाई जानी हैं। इनमें पुत्र प्राप्ति के लिए दशरथ के यज्ञ, राम राज्याभिषेक से लेकर माता सीता के धरती में समाहित होने और राम की जल समाधि तक का प्रसंग है। हर प्रसंग में औसतन छह से आठ मूर्तियां शामिल होंगी। अब तक पुत्रेष्टि यज्ञ, रामजन्म, बाल लीला, वशिष्ठ के आश्रम में विद्या अध्ययन, ताड़का, सुबाहु वध, सीता जन्म से लेकर सीता हरण तक के 54 प्रसंगों को आकार दिया जा चुका है। मुख्य शिल्पकार रंजीत मंडल तैयार ने बताया कि 2013 से अशोक सिंहल के निर्देश पर मूर्तियां बनाई जा रही हैं। वे पिता नारायण मंडल के साथ सीमेंट, सरिया, कंक्रीट से इन्हें बना रहे हैं।

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