भीमताल में शास्त्रीय संगीत की सुरमयी शाम, पं. पुरबायन चटर्जी ने बांधा समां

ख़बर शेयर करें

भीमताल। ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी, भीमताल परिसर में 17 मार्च 2026 को भारतीय शास्त्रीय संगीत की एक मनमोहक संध्या का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम नेचरवोल्ट रीसाइक्लर्स ग्लोबल लिमिटेड और द लेक रिसॉर्ट, नौकुचियाताल के सहयोग से विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त सितार वादक पं. पुरबायन चटर्जी ने अपनी प्रस्तुति से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

यह भी पढ़ें 👉  कैंची धाम जा रहा पर्यटक स्कूटी के साथ खाई में गिरा, हायर सेंटर रैफर

कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि पं. पुरबायन चटर्जी के औपचारिक स्वागत के साथ हुई, जिसमें परिसर निदेशक ने उनका अभिनंदन किया। इसके बाद 13 वर्षीय प्रतिभाशाली सितार वादक हर्षवर्धन बजाज ने ‘वंदे मातरम्’ की प्रस्तुति दी। उन्होंने राग यमन, राग केवानी और राग चारो केसी की संक्षिप्त प्रस्तुतियों के माध्यम से माहौल को सुरमय बना दिया।

यह भी पढ़ें 👉  दुःखद::रामगढ़ में अनियंत्रित होकर खाई में गिरा टैंपो ट्रैवलर

संध्या का मुख्य आकर्षण पं. पुरबायन चटर्जी की अद्भुत प्रस्तुति रही। उनके सितार वादन की जटिलता, रागों की गहरी समझ और सहजता से किए गए बदलावों ने श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। हर एक सुर में उनकी वर्षों की साधना और उत्कृष्टता झलक रही थी।

पं. चटर्जी की प्रस्तुति ने न केवल तकनीकी कौशल का प्रदर्शन किया, बल्कि गहन कलात्मक अभिव्यक्ति के जरिए दर्शकों को पूरी तरह बांधे रखा। उनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम की सांस्कृतिक गरिमा को और भी ऊंचा किया तथा युवा कलाकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी।

यह भी पढ़ें 👉  दुःखद::रामगढ़ में अनियंत्रित होकर खाई में गिरा टैंपो ट्रैवलर

कार्यक्रम के अंत में कलाकार और आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। यह आयोजन विश्वविद्यालय की सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने और विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय कला अनुभव प्रदान करने की प्रतिबद्धता का प्रतीक रहा।

Join WhatsApp Group
Ad Ad Ad Ad Ad

You cannot copy content of this page