भवाली में 1956 से पहचान बना प्रिंस एंड संजय ज्वैलर्स, शुक्रवार को गजराज होटल न्यू मार्केट में होगा उद्घाटन

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1956 से भवाली की पहचान बना प्रिंस एंड संजय ज्वैलर्स, चार दशक तक मल्ली बाजार में रही दुकान
भवाली। शहर के पुराने और प्रतिष्ठित ज्वेलर्स में शुमार प्रिंस एंड संजय ज्वैलर्स ने कारोबार के क्षेत्र में लंबा सफर तय किया है। वर्ष 1956 से लोगों को आभूषण उपलब्ध कराने वाला यह प्रतिष्ठान आज भी अपनी पहचान बनाए हुए है। कई दशकों से स्थानीय लोगों के विश्वास का प्रतीक बने इस ज्वेलर्स ने समय के साथ अपने कारोबार का विस्तार करते हुए वर्तमान में नया ठिकाना बनाया है।
प्रतिष्ठान से जुड़े राम नाथ वर्मा ने बताया कि प्रिंस एंड संजय ज्वैलर्स की शुरुआत वर्ष 1956 में हुई थी। इसके बाद लंबे समय तक भवाली के मल्ली बाजार में प्रतिष्ठान संचालित होता रहा। करीब 40 वर्षों तक मल्ली बाजार में दुकान रहने के दौरान आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के साथ ही भवाली और पर्यटक क्षेत्र के लोगों का भी यहां आना-जाना रहा। शादी-विवाह, धार्मिक आयोजनों और अन्य पारिवारिक अवसरों के लिए लोगों ने यहां से आभूषण खरीदे।
उन्होंने बताया कि ग्राहकों की सुविधा और कारोबार को विस्तार देने के उद्देश्य से अब प्रतिष्ठान को गजराज होटल, न्यू मार्केट, भवाली में शिफ्ट किया गया है। नई जगह पर भी ग्राहकों को आभूषणों की विभिन्न रेंज उपलब्ध कराई जा रही है। दशकों से जुड़े पुराने ग्राहकों के साथ नई पीढ़ी भी प्रतिष्ठान से जुड़ रही है।
राम नाथ वर्मा के अनुसार, वर्षों के इस सफर में कारोबार के तौर-तरीकों में काफी बदलाव आया है, लेकिन ग्राहकों का विश्वास आज भी प्रतिष्ठान की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने कहा कि बेहतर गुणवत्ता, विश्वसनीयता और ग्राहकों की संतुष्टि को प्राथमिकता देते हुए प्रतिष्ठान आगे भी अपनी सेवाएं जारी रखेगा।
हल्द्वानी में भी विस्तार: प्रिंस एंड संजय ज्वैलर्स की मौजूदगी हल्द्वानी में भी है। लालडांठ रोड, मल्ली बमौरी, पार्वती कॉलोनी के सामने प्रतिष्ठान का कारोबार संचालित किया जा रहा है। इस तरह छह दशक से अधिक पुराने इस ज्वेलर्स ने भवाली से शुरू हुए अपने सफर को हल्द्वानी तक विस्तार दिया है।
स्थानीय स्तर पर लंबे समय से कारोबार कर रहे प्रतिष्ठानों में प्रिंस एंड संजय ज्वैलर्स का नाम पुराने और भरोसेमंद प्रतिष्ठानों के रूप में लिया जाता है। वर्ष 1956 से अब तक बदलते समय के साथ प्रतिष्ठान ने भी खुद को बदला, लेकिन ग्राहकों के साथ उसके पुराने रिश्ते आज भी कायम हैं।

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