पुलिस ने किया दोहरे हत्याकांड का खुलासा, दो सगे भाई गिरफ्तार

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आखिरकार आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गए। भारामल बाबा मंदिर में हुए दोहरे हत्याकांड में पुलिस ने 24 दिन बाद खुलासा करते हुए दो सगे भाइयों और एक गैंगस्टर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि मंदिर में शराब पीने से टोकने पर आरोपियों ने महंत और उनके शिष्य की हत्या की थी। मंदिर से चोरी किए गए महंत के इंटरनेट डोंगल की मदद से पुलिस आरोपियों तक पहुंची।

खटीमा से करीब 20 किमी दूर सुरई रेंज के जंगल में स्थित भारामल बाबा मंदिर के महंत हरि गिरी महाराज 58 मूल निवासी गांव कासिमपुर तहसील बिसलपुर जिला पीलीभीत उत्तर प्रदेश और उनके शिष्य रूप सिंह 48 निवासी बग्घा 54 खटीमा की बीती चार जनवरी को हत्या कर दी गई थी। आरोपी, सेवादार नन्हे को भी गम्भीर रूप से घायल कर गए थे, जिसकी बीते दिनों संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। रविवार को एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने बताया कि मामले की जांच के बाद पुलिस ने शनिवार रात कालीचरण और रामपाल पुत्रगण बिहारी लाल निवासी रामलीला कॉलोनी सुनगढ़ी, पीलीभीत हाल निवासी बरखेड़ा बीसलपुर व पवन कुमार पुत्र जींसुखलाल निवासी राजीव कॉलोनी, सनगढ़ी पीलीभीत को गिरफ्तार किया है। कालीचरण पूर्व में भारामल सिद्धपीठ में सेवादार रह चुका है। बीती 25 दिसंबर को रामपाल और पवन मंदिर में आयोजित भंडारे में पहुंचे थे। वहां शराब पीने पर महंत हरिगिरी ने उन्हें डांटकर भगा दिया था। इसी को लेकर महंत से रंजिश रखने लगे थे।

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 भारामल मंदिर के महंत हरिगिरी महाराज और सेवादार रूप सिंह की हत्या की साजिश दो सगे भाइयों ने पीलीभीत के गैंगस्टर पवन के साथ मिलकर रची थी। आरोपियों ने डंडों से पीटकर निर्मम तरीके से दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया था। पुलिस ने पूरे मामले की गुत्थी को सुलझाते हुए 23वें दिन हत्याकांड का खुलासा किया। पुलिस के मुताबिक रामपाल अक्सर श्मशान घाट में रहता है और आने-जाने वाले लोगों से पैसे मांग कर अपना गुजारा करता था। महंत हरिगिरी के डांटने पर उसने बदला लेने का मन बना लिया था। इस काम में उसने अपने सगे भाई कालीचरण की मदद ली।

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