साहित्यकार कवि महेश कुमार वर्मा ‘अशांत’ का निधन, क्षेत्र में शोक की लहर

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भवाली। वरिष्ठ साहित्यकार, कवि एवं शिक्षाविद् महेश कुमार वर्मा ‘अशांत’ का रविवार रात 75 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन की खबर से साहित्य जगत और भवाली क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ पड़ी। उन्होंने साहित्य सृजन के साथ ही शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। 12 दिसंबर 1951 को उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के इब्राहीमपुर गांव में जन्मे महेश कुमार वर्मा ‘अशांत’ ने हिंदी साहित्य एवंसमाजशास्त्र में एमए किया था। उन्होंने लंबे समय तक शिक्षा के क्षेत्र में सेवाएं दीं। वह भवाली स्थित गोविंद बल्लभ पंत इंटर कॉलेज में प्रवक्ता रहे। इसके साथ ही उन्होंने सरस्वती शिशु मंदिर, भवाली के संस्थापक व्यवस्थापक के रूप में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
महेश ‘अशांत’ की साहित्यिक अभिरुचि विविध विधाओं में रही। उन्होंने कविताओं, लोकगीतों, हास्य-व्यंग्य, कहानियों, लेखों और धार्मिक साहित्य के माध्यम से अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। उनकी रचनाएं विभिन्न समाचार पत्रों एवं पत्रिकाओं में प्रकाशित होती रही हैं। उनके प्रकाशित ग्रंथों में ‘संतोषी मां अष्टोत्तरशतम्’, ‘पाषाण देवी चालीसा’, ‘गीतामृत’, ‘श्रीविश्वकर्मा स्तवन’, ‘पर्वतारण्यालोक’ और ‘श्रीकृष्णचरितामृत’ प्रमुख हैं।
उनकी महत्वपूर्ण साहित्यिक कृति ‘श्रीकृष्णचरितामृत’ भगवान श्रीकृष्ण के जीवन चरित्र पर आधारित प्रबंध काव्य है। उन्होंने इस रचना में विभिन्न धार्मिक ग्रंथों और पुराणों में वर्णित प्रसंगों को सरल अवधी भाषा में काव्यबद्ध करने का प्रयास किया। उनकी अनेक रचनाएं प्रकाशित हुईं, जबकि कई कृतियां प्रकाशनाधीन थीं।
साहित्य के क्षेत्र में योगदान के लिए उन्हें दिल्ली के काव्यशील मंच की ओर से ‘साहित्य सौरभ’ की मानद उपाधि, उत्तर प्रदेश हिंदी सम्मेलन की ओर से ‘मैथिलीशरण गुप्त सम्मान’, राष्ट्रीय हिंदी परिषद मेरठ की ओर से ‘हिंदी गौरव’ तथा जैमिनी अकादमी पानीपत की ओर से ‘भाषा रत्न सम्मान’ से सम्मानित किया गया था। उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें ‘लोकतंत्र रक्षक सेनानी’ के सम्मान से भी नवाजा था।
वह उत्तर प्रदेश हिंदी साहित्य सम्मेलन के आजीवन सदस्य रहे तथा भवाली की थियोसोफिकल सोसाइटी में सचिव एवं कोषाध्यक्ष के दायित्वों का निर्वहन भी कर चुके थे। साहित्य, शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में उनके योगदान को लंबे समय तक याद किया जाएगा।

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