कैबिनेट मंत्री ने कहा चुनावी साल में जेसीबी और वन पंचायत के कामों को लेकर किया जा रहा बदनाम, आरोप साबित हुए तो सजा भुगतने को तैयार
भवाली। भीमताल विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सरगर्मियां तेज होने के साथ ही राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। कैबिनेट मंत्री एवं भीमताल विधायक राम सिंह कैड़ा ने अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग चुनावी साल में क्षेत्र में सक्रिय दिखाई देने लगे हैं, जबकि सत्ता में रहते हुए वे जनता के बीच नजर नहीं आते थे। उन्होंने कहा कि वह विधायक बनने के बाद से लगातार जनता के सुख दुख और विकास कार्यों में शामिल रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और भाजपा ने उन्हें यही सिखाया है कि लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है।
हिंदुस्तान से खास बातचीत में कैबिनेट मंत्री कैड़ा ने कहा, ‘ भगवान के बाद अगर मैं किसी की पूजा करता हूं तो वह मेरे विधानसभा क्षेत्र की जनता है। जनता की सेवा करना मेरा कर्तव्य है और मैं लगातार उसी का निर्वहन कर रहा हूं।’ उन्होंने कहा कि वह हमेशा जनता के बीच रहते हैं। जनता खुद जानती है कि कौन उनके सुख दुख में साथ खड़ा रहता है और कौन केवल चुनाव के समय दिखाई देता है। जेसीबी और वन पंचायत के मामलों पर बोले- जांच करा लें, आरोप साबित हुए तो दंड भुगतने को तैयार
वन पंचायत और फॉरेस्ट पंचायतों में जेसीबी से कार्य कराने तथा ग्रामीणों की ओर से स्वयं पेड़ काटकर सड़क निर्माण के लिए जगह देने के मामलों पर उठ रहे सवालों को लेकर कैड़ा ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि कई जगह ग्रामीण अपनी सहमति से जमीन दे रहे हैं और काम कर रहे हैं ये लोग हमने किया कह रहे हैं। लेकिन कहीं बांज के पेड़ तो कहीं अन्य पेड़ रास्ते मे आने पर काम रुकवाने पर मेरा नाम लिया जा रहा है।
कैड़ा ने चुनौती देते हुए कहा कि वन विभाग का कोई अधिकारी या कर्मचारी सामने आकर यह कह दे कि राम सिंह कैड़ा के कहने पर किसी कार्य को रोकने या प्रभावित करने का प्रयास किया गया है तो वह जो भी दंड तय होगा, उसे भुगतने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि इन मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। चुनावी साल में उन्हें बदनाम करने के लिए इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं।
‘चुनावी जेसीबी’ पर भी कसा तंज
कैड़ा ने कहा कि चुनाव नजदीक आते ही कई जगह जेसीबी मशीनें दिखाई देने लगी हैं। आचार संहिता लागू होने के बाद ये मशीनें बंद हो जाएंगी और चुनाव के बाद अगले साढ़े चार साल तक क्षेत्र में दिखाई नहीं देंगी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह चुनावी जेसीबी है। वर्ष 2022 के चुनाव में भी इसी तरह जेसीबी मशीनें लगाई गई थीं। उनके अनुसार, वह हमेशा चुनावी मोड में रहते हैं, क्योंकि उनका काम जनता के बीच रहना है, न कि केवल चुनाव के समय क्षेत्र में पहुंचना। विरोधियों को नसीहत देते हुए कहा तुच्छ राजनीति छोड़ें, जितना कीचड़ उछालेंगे उतने कमल के फूल खिलेंगे राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को संदेश देते हुए कैड़ा ने कहा कि उन्हें तुच्छ राजनीति से बचना चाहिए। उन्होंने कहा, ”जितना कीचड़ ये लोग फैलाएंगे, उतना ही ज्यादा कीचड़ में फूल खिलेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में पदों पर रहे कुछ जनप्रतिनिधि जनता की समस्याओं के समाधान के लिए सक्रिय नहीं रहे। ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर उनके पास जाते थे, लेकिन उनकी शिकायतों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होती थी। कैड़ा ने कहा कि जनता सब जानती है और समय आने पर अपना जवाब देती है।
2027 में 28 हजार वोटों से जीत का दावा
आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कैड़ा ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि वर्ष 2027 में भीमताल विधानसभा सीट पर भाजपा 28 हजार मतों के अंतर से जीत दर्ज करेगी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 और 2022 में वह कांग्रेस प्रत्याशी को पराजित कर चुके हैं। वर्ष 2022 में उनकी जीत का अंतर करीब साढ़े ग्यारह हजार वोट था। इस बार वह ऐतिहासिक मतों से जीतने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पार्टी का प्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व तय करेगा कि 2027 में किसे चुनाव मैदान में उतारना है। जिसने भी पार्टी के लिए ईमानदारी से काम किया है, वह पार्टी के निर्णय का सम्मान करेगा। कैड़ा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व का जिक्र करते हुए कहा प्रदेश की सभी 70 विधानसभा सीटों में से 60 सीटें जीतने का भाजपा का लक्ष्य भी दोहराया।
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