ग्राफिक एरा भीमताल के एनएसएस स्वयंसेवकों ने वृद्धाश्रम में बुजुर्गों के साथ बांटी खुशियां, वॉशिंग मशीन भी भेंट की

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भीमताल। ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी, भीमताल के 35 एनएसएस स्वयंसेवकों ने काठगोदाम स्थित ‘आश्रय सेवा समिति’ वृद्धाश्रम पहुंचकर बुजुर्गों के साथ समय बिताया और उन्हें खुशियां बांटीं। इस दौरान स्वयंसेवकों ने विभिन्न सांस्कृतिक एवं मनोरंजक गतिविधियों के माध्यम से बुजुर्गों के चेहरों पर मुस्कान लाने का प्रयास किया।

कार्यक्रम के दौरान स्वयंसेवकों ने बुजुर्गों के साथ गीत-संगीत, नृत्य और रंगोली जैसी गतिविधियों में भाग लिया। साथ ही बुजुर्ग महिलाओं के हाथों में मेहंदी लगाई। इस दौरान सभी ने आपस में बातचीत की, अपने अनुभव साझा किए और हंसी-खुशी के पल बिताए। स्वयंसेवकों की इस पहल से वृद्धाश्रम का माहौल उत्साह और अपनत्व से भर गया।

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इस अवसर पर एनएसएस स्वयंसेवकों ने वृद्धाश्रम के निवासियों को उनकी दैनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए दर्द निवारक बाम, जोड़ों के दर्द के लिए तेल, बैंडेज, मोजे, टोपी, रंगोली के रंग, मिठाइयां और ताजे फल वितरित किए। इसके अलावा वृद्धाश्रम के दैनिक कार्यों को आसान बनाने और बुजुर्गों की सुविधा के लिए एक वॉशिंग मशीन भी भेंट की गई।

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इस पहल का उद्देश्य केवल आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि बुजुर्गों को भावनात्मक सहयोग, सम्मान और अपनत्व का एहसास कराना भी था। स्वयंसेवकों ने उनके साथ समय बिताकर यह संदेश दिया कि बुजुर्गों की देखभाल और सम्मान करना प्रत्येक व्यक्ति की सामाजिक जिम्मेदारी है।

एनएसएस के आदर्श वाक्य ‘नॉट मी, बट यू’ (मैं नहीं, बल्कि आप) की भावना को साकार करती इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों ने सेवा, संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व का परिचय दिया। ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के संस्थापक अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) कमल घनशाला के नेतृत्व में संस्थान शिक्षा के साथ-साथ समाजसेवा, जनकल्याण और सामाजिक उत्थान को भी विशेष महत्व दे रहा है।

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विश्वविद्यालय की यह पहल इस विश्वास को मजबूत करती है कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को संवेदनशील, जिम्मेदार और समाज के प्रति समर्पित नागरिक बनाना भी है।

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