अतिक्रमण पर फिर चला बुलडोजर, अब इनकी बारी

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एनजीटी के आदेश पर देहरादून में सोमवार को रिस्पना नदी के किनारे से अतिक्रमण ढहाया गया। नगर निगम, जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने ओल्ड डालनवाला के सामने चूनाभट्टा क्षेत्र में अभियान चलाकर करीब 27 कच्चे-पक्के अवैध निर्माण ध्वस्त किए। कार्रवाई का विरोध करने वालों को पुलिस ने शांत किया।

नगर निगम की टीम सुबह आठ बजे डालनवाला कोतवाली पहुंची। यहां से पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच टीम ने करीब साढ़े आठ बजे अतिक्रमण के खिलाफ अभियान शुरू किया। जैसे ही चार जेसीबी कार्रवाई को नदी में उतरीं आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। जेसीबी ने सबसे पहले नदी से सटे कच्चे अवैध निर्माणों को तोड़ना शुरू किया। टीम को बढ़ता देख कुछ लोग खुद ही अतिक्रमण हटाने में जुट गए। कुछ ने अफसरों से कार्रवाई रोकने की अपील करते हुए मोहलत मांगी। अफसरों ने उन्हें बताया कि पूर्व में नोटिस जारी कर अतिक्रमण हटाने को पर्याप्त समय दिया था। इसके बावजूद कब्जे नहीं हटने पर अब कार्रवाई हो रही है।

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नगर आयुक्त गौरव कुमार ने बताया, पहले दिन दोपहर बाद चार बजे तक कार्रवाई की गई। इस दौरान तीन दुकान, तीन आवासीय भवन, एक स्टोर, एक रेस्टोरेंट समेत 27 कब्जे हटाए गए। चिन्हित अवैध निर्माण के ध्वस्त होने तक अभियान जारी रहेगा।

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लोगों ने घेर ली घर के सामने खाली मिली जमीन चूनाभट्टा से लगी बस्ती में तमाम लोगों ने अपने घरों के सामने नदी किनारे पुश्तों पर सरकारी जमीन को घेर वहां दीवारें खड़ी कर लीं। कुछ वहां सब्जियां उगा रहे थे और कुछ ने गेट लगाकर ताला जड़ दिया। कई लोगों ने गाड़ियों की पार्किंग बना रखी थी। तमाम लोगों ने दुकानें बना लीं और एक जगह रेस्टोरेंट चल रहा था। टीम ने इन अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया। रिस्पना और बिंदाल नदी के किनारे बने कॉमर्शियल बहुमंजिला भवनों को देखकर प्रशासन और नगर निगम के अधिकारी भी हैरान थे। उन्होंने कहा कि एमडीडीए के स्तर से ऐसे मामलों में भी सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

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