जमीनों की धोखाधड़ी की जांच कर रही एसआईटी अब दोषियों के खिलाफ एफआईआर की संस्तुति भी करेगी। सरकार ने भूमाफिया पर शिकंजा कसने के लिए एसआईटी के अधिकारों को और बढ़ा दिया है। एसआईटी धोखाधड़ी से इतर मिली शिकायतों को कमिश्नर की अध्यक्षता वाली लैंड फ्रॉड कमेटी या संबंधित अधिकारियों को भी भेजेगी। एसआईटी का कार्यकाल मार्च 2024 तक बढ़ा दिया गया है।
गुरुवार को वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने बताया कि जमीनों की खरीदफरोख्त में फर्जीवाड़े रोकने के लिए सरकार ने स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग के तहत तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया है। एसआईटी की जांच और कार्रवाई के दायरे को अब कुछ और बढ़ाया गया है। एसआईटी केस टू केस मामलों की जांच करेगी और साथ ही उनका निस्तारण भी करेगी। अब तक कमेटी केवल जांच ही किया करती थी। लेकिन अब से कमेटी दोषियों के खिलाफ एफआईआर कराने में भी भूमिका निभाएगी। मालूम हो कि देहरादून में जमीनों के फर्जीवाड़े के मामले सामने आने के बाद सरकार ने 25 जुलाई को एसआईका गठन किया था।
लेटैस्ट न्यूज़ अपडेट पाने हेतु -
👉 वॉट्स्ऐप पर हमारे समाचार ग्रुप से जुड़ें

