जल जीवन मिशन योजना के काम में लापरवाही पर जिले में पांच ठेकेदारों का अनुबंध निरस्त कर दिया है। इसके अलावा 39 ठेकेदारों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। जल संस्थान हल्द्वानी डिवीजन ने यह कार्रवाई ठेकेदारों की कार्य में धीमी गति पर की है। अब तक योजना का काम 90 फीसदी हो जाना चाहिए था, लेकिन अभी मात्र 30 से 70 फीसदी काम ही पूरा हुआ है। दिसंबर तक योजना का काम पूरा होना है।
जल संस्थान के हल्द्वानी डिवीजन में जल जीवन मिशन के तहत 58 योजनाओं पर काम 2019 में शुरू किया गया। इसमें हर घर तक से पानी पहुंचाने का काम किया जा रहा है। पेयजल टैंक, टयूवबेल बनाने के साथ ही घरों तक पाइप लाइन बिछाई जा रही है। इसमें 14 योजनाओं का काम पूरा हो गया है। जबकि 44 योजनाओं का काम बेहद धीमी गति से चल रहा है। इसमें कोटाबाग के बांसी, ओखलढूंगा, नवादा और कालाढूंगी के गुलजार बांकी, गुलजार रामसिंह की योजनाओं में अभी तक मात्र 30 फीसदी ही काम हो पाया है। इन पांचों योजनाओं में बेहद धीमी गति से काम होने पर ठेकेदारों का अनुबंध निरस्त करने की कार्रवाई की गई। जबकि 39 योजनाओं में अभी तक 40 से 70 फीसदी तक काम हो पाया है। ऐसे में इन ठेकेदारों को नोटिस देकर जवाब तलब करने के साथ समय से काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हें। संतोषजनक काम नहीं किए जाने पर इन ठेकेदारों के खिलाफ भी कार्रवाई तय मानी जा रही है। वहीं योजना काम धीमी गति से होने की वजह से समय से पूरा होना मुश्किल है।
मार्च 2024 तक घरों तक पहुंचना था पेयजल जेजेएम की योजनाओं को मार्च 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया था। इसके बाद भी काम पूरा नहीं होने पर दिसंबर 2024 तक का समय बढ़ाया गया है, लेकिन इसके बाद भी स्थिति में सुधार नहीं किया गया। इस वजह से दिसंबर तक भी पूरा होना मुश्किल बना हुआ है। मतलब लोगों के लिए पेयजल संकट बनना है।
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