भीमताल में बंदरों के आतंक से निजात दिलाने को जिलाधिकारी को भेजा ज्ञापन

ख़बर शेयर करें

भीमताल में बढ़ते बंदरों के आतंक एवं उनसे निजात दिलाने हेतु ठोस कदम उठाने के संबंध में
जिलाधिकारी को पत्र लिख कहा कि प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तराखंड का प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य एवं सामाजिक कार्यकर्ता अखिलेश सेमवाल, भीमताल क्षेत्र में बंदरों की बढ़ती संख्या और उनके आतंक के कारण हो रही समस्याओं के संबंध में आपका ध्यान आकर्षित करना चाहता हूँ।

भीमताल में बंदरों के झुंड ने न केवल आम जनता के लिए असुविधाएँ उत्पन्न कर दी हैं, बल्कि हाल ही में पद्मश्री डॉ. यशोधर मठपाल जी को भी बंदरों के हमले का सामना करना पड़ा है। इसके अतिरिक्त, बंदर फल, फूल, और पौधों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे स्थानीय कृषि और पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा भी खतरे में है।

यह भी पढ़ें 👉  रामगढ़ में महाकालेश्वर टैक्सी कल्याणकारी समिति का उद्घाटन

इस गंभीर समस्या के समाधान हेतु मैं आपसे निवेदन करता हूँ कि कृपया निम्नलिखित ठोस कदम उठाए जाएं:

बंदरों की आबादी को नियंत्रित करने के लिए चालू या नए नसबंदी (Sterilization) कार्यक्रम को शीघ्र प्रभावी बनाया जाए।

यह भी पढ़ें 👉  गोविंद बल्लभ पंत इंटर कॉलेज में धूमधाम से मनाया स्वतंत्रता दिवस

संवेदनशील इलाकों में सौर ऊर्जा आधारित विद्युत फेंसिंग (Electric Fencing) लगाकर बंदरों को किसानों और ग्रामीणों से दूर रखा जाए।

बंदरों का सुरक्षित पकड़कर अन्य उपयुक्त वन क्षेत्रों में ट्रांसलोकेशन किया जाए।

वन विभाग तथा स्थानीय प्रशासन के सहयोग से इस समस्या का दीर्घकालिक समाधान निकाला जाए।

आम जनता के लिए जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर बंदरों से बचाव के उचित उपाय बताये जाएं।

यह भी पढ़ें 👉  रामनगर में पुलिस और बदमाशो के बीच मुठभेड़, जवाबी फायरिंग में पैर में लगी गोली

मेरा विश्वास है कि आपके नेतृत्व में इस समस्या का शीघ्र समाधान संभव होगा और भीमताल पुनः एक सुरक्षित तथा सुचारु पर्यावरण का उदाहरण बनेगा।

आपसे विनम्र निवेदन है कि आप इस विषय को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक कार्रवाई करें और हमें अपनी योजना से अवगत कराएं।

धन्यवाद।
सादर,
अखिलेश सेमवाल
प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य,
प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल, उत्तराखंड
संपर्क: [9536670055]

Join WhatsApp Group
Ad Ad Ad Ad Ad

You cannot copy content of this page