महेंद्र सिंह धोनी के पैतृक गांव ल्वाली से निकलने के बाद खोजते रहे प्रशंसक

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भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान एवं ‘कैप्टन कूल’ नाम से मशहूर महेंद्र सिंह धोनी इन दिनों कुमाऊं में हैं, लेकिन वह कब कहां हैं इसकी जानकारी लोगों को तो दूर स्थानीय प्रशासन और पुलिस के स्थानीय अधिकारियों तक को नहीं मिल पा रही है। ऐसे में चर्चाओं के बीच गुरुवार को भी उनके प्रशंसक धोनी के दीदार के लिए उतावले रहे।

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पूर्व कप्तान धोनी बीते मंगलवार को एकाएक नैनीताल पहुंच गए थे। उसी दिन उम्मीद थी कि वह अपने पैतृक गांव अल्मोड़ा जिले के ल्वाली गांव पहुंचेंगे, लेकिन वह रात कहां निकले, किसी को जानकारी नहीं हो पाई। बुधवार को बिना किसी आधिकारिक जानकारी के धोनी ने अपनी पत्नी साक्षी और बेटी जीवा के साथ पैतृक गांव ल्वाली पहुंचकर उन्होंने सभी को अचंभित कर दिया।

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ल्वाली गांव में दो घंटे ठहरने के बाद एक बार फिर धोनी लोगों की जानकारी से दूर हो गए। कयास लगे कि वह ल्वाली से लमगड़ा क्षेत्र स्थित डोल आश्रम, नैनीताल के कैंची धाम या बागेश्वर जिले के मशहूर पर्यटक स्थल कौसानी पहुंचे हैं।

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गुरुवार को इन तीनों जगह प्रशंसक उनका बेसब्री से इंतजार करते रहे, लेकिन आखिरकार प्रशंसकों को मायूसी ही हाथ लगी।

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