कुमाऊं आयुक्त के निर्देश दिखे बेअसर, कैंची धाम के पास दिनभर नहाते रहे पर्यटक

ख़बर शेयर करें
  • तीन दिन पहले कोसी नदी में डूबकर हुई थी 17 वर्षीय युवक की मौत, फिर भी नहीं चेते जिम्मेदार

भवाली। नदी में डूबने से मौत की घटनाएं सामने आने के बावजूद जिम्मेदारों की लापरवाही पर लगाम नहीं लग पा रही है। कैंची धाम में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर दो दिन पहले हुई बैठक के फैसले शनिवार को धरातल पर बेअसर नजर आए। कैंची धाम के समीप शिप्रा नदी में दिनभर पर्यटक नहाते रहे, लेकिन उन्हें रोकने-टोकने के लिए मौके पर कोई जिम्मेदार नजर नहीं आया। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब नदी में नहाने से रोकने के निर्देश दिए गए थे, तो उनका पालन आखिर कौन करवा रहा है। हैरानी की बात यह है कि तीन दिन पहले ही कोसी नदी में डूबने से 17 वर्षीय युवक की मौत हो चुकी है। इस घटना के बाद भी नदी किनारे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई दे रही है। शनिवार को कैंची धाम पहुंचे पर्यटक दर्शन के बाद शिप्रा नदी की ओर रुख करते रहे। कई लोग नदी में उतरकर नहाते नजर आए, लेकिन उन्हें रोकने के लिए न तो कोई प्रभावी निगरानी दिखाई दी और न ही सुरक्षा व्यवस्था का सख्ती से पालन होता नजर आया।

यह भी पढ़ें 👉  लालकुआं में सड़क हादसे में फिर युवक की मौत, सिर में गंभीर चोट लगने से गई जान

बैठक में फैसले, मौके पर नदारद व्यवस्था

कैंची धाम में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कुमाऊं आयुक्त की बैठक में आवश्यक कदम उठाने पर चर्चा हुई थी। इसके बावजूद नदी में नहाने वालों पर रोक लगाने के फैसले का असर मौके पर दिखाई नहीं दिया। सवाल यह है कि क्या बैठक में लिए गए फैसले केवल कागजों तक ही सीमित रहेंगे या फिर जिम्मेदार अधिकारी धरातल पर भी कार्रवाई करेंगे।

यह भी पढ़ें 👉  कैंची धाम में जाम पर अजय टम्टा सख्त, वैकल्पिक मार्गों का बनेगा प्लान

हादसे का इंतजार कर रहे जिम्मेदार

नदी में तेज बहाव और गहराई का अंदाजा पर्यटकों को नहीं होता। ऐसे में नदी में उतरना कभी भी जानलेवा साबित हो सकता है। इसके बावजूद दिनभर पर्यटकों का नदी में नहाना सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलता नजर आया। तीन दिन पहले कोसी नदी में हुई मौत के बाद भी यदि पर्यटक बिना रोक-टोक नदी में उतर रहे हैं, तो यह व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब सवाल यह है कि नदी में नहाने वालों को रोकने की जिम्मेदारी किसकी है? क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे के बाद ही जागेगा, या समय रहते सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे।

Join WhatsApp Group

You cannot copy content of this page