भवाली में 37 सालों से किराए के भवन में चल रहा आईटीआई

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-एक ट्रेड उस पर भी टीचर नही

-कुल 15 बच्चों की भविष्य से खिलवाड़ कर रहा विंभाग

-चल रहा इलेक्ट्रॉनिक ट्रेड शिक्षक है डाटा एंट्री

भवाली। सरकार लाख सर्व शिक्ष अभियान के दावे कर रही हो। लेकिन नगर में शिक्षा प्रणाली की पोल खुल रही है। जिला मुख्यालय से 11 किमी पर स्थित आईटीआई बीते 73 वर्षो से उधारी के भवनों में संचालित हो रहा है। संस्थान का अपना भवन नही होने से शिक्षकों छात्रों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। भूमि व भवनों के आभाव में पठन पाठन व अन्य गतिविधियों के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अब आलम यह है कि मात्र इलेक्ट्रॉनिक ट्रेड के 15 छात्रों के सहारे आईटीआई संचालित की जा रही है। उस पर भी ट्रेड का टीचर नही होने से छात्रों का जीवन अधर में लटका हुआ है। 1985 में नगर में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान का शुभारंभ ग्रामीण छात्र छात्राओं के उज्वल भविष्य के लिए शुरू किया गया था। उस वक्त इलेक्ट्रॉनिक, डाटा एंट्री, आशु लिपी हिंदी, इम्ब्रॉइडरी, कटिंग स्विंग 80 से अधिक छात्र थे। 28 साल रेहड़ में किराए के भवन में चलाया गया। उसके बाद नगर पॉलिका के भवन में पिछले 9 सालों से किराए में चलाया जा रहा है। सालो तक विभाग भूमि खोजता रहा। लेकिन आज 37 साल बाद भी संस्थान को भूमि नही मिली। मात्र औपचारिता के तौर पर 15 छात्रों के सहारे आईटीआई चल रही है। बिना किसी मशीनी उपकरण के छात्रोंका जीवन खराब किया जा रहा है। इलेक्ट्रॉनिक ट्रेड में डाटा एंट्री शिक्षक को तैनाद किया गया है। एक टीचर सहित कुल 5 कर्मी यहां तैनाद है।

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कोट….

नोडल प्रधानचार्य से दिखवाया जाएगा। पहाड़ो में जमीन मिलने की परेशानी है। इसको प्राथमिकता में दिखवाया जाएगा। ट्रांसफर सीजन चल रहा है। टीचर के लिए अधिकारियों से वार्ता की जाएगी।

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ए के त्रिपाठी, संयुक्त निदेशक

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