एक ही परिवार के आठ लोगों की मौत
विवेक अग्रवाल व पत्नी तर्जनी अग्रवाल।
पिता का इलाज कराने आए थे
विवेक अग्रवाल एक निजी कंपनी में चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) थे। पत्नी खुद का एक एनजीओ चलाती थीं। विवेक अग्रवाल के पिता राधेश्याम अग्रवाल की तबीयत खराब होने पर उनको साकेत में स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। उन्हें देखने परिवार जुटा था।
नई दिल्ली। हौज रानी स्थित होटल में हुए दर्दनाक हादसे ने एक पूरे परिवार को उजाड़ दिया। हादसे में गुरुग्राम के एक ही परिवार के पांच सदस्यों के साथ उनके तीन रिश्तेदारों की भी मौत हो गई। अपनों को खोने से पूरा परिवार गहरे सदमे में है।
अग्निकांड में जान गंवाने वाले ये सभी लोग साकेत स्थित मैक्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती अपने परिवार के एक सदस्य की देखभाल करने और उनका हालचाल जानने आए थे।
हादसे में गुरुग्राम के सेक्टर-46 निवासी विवेक अग्रवाल, उनकी पत्नी तर्जनी अग्रवाल, बेटियां जीविशा और वारिया, मां प्रेमलता अग्रवाल, मामा अशोक गोयल, मौसी कमला और मौसा झिमरी अग्रवाल की मौत हो गई। विवेक के ससुर महावीर एन्क्लेव निवासी प्रेम बंसल ने बताया कि विवेक के पिता राधेश्याम अग्रवाल साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में भर्ती हैं। उन्हें हृदय संबंधी समस्या है।
प्रेम बंसल के अनुसार, विवेक और उनकी पत्नी तर्जनी अस्पताल में भर्ती पिता की देखभाल के लिए होटल में कमरा लेकर ठहरे हुए थे। उनकी बड़ी बेटी जीविशा बेंगलुरु में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रही थी। वह एक दिन पहले ही अपने दादा का हाल जानने दिल्ली पहुंची थी। राजस्थान से विवेक के मामा अशोक गोयल भी इसी सिलसिले में आए थे। परिवार के अन्य रिश्तेदार भी मरीज से मिलने पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि होटल से निकलने का रास्ता नहीं था।
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