ग्राफिक एरा भीमताल और एरीज़ नैनीताल के संयुक्त आयोजन में पाँच दिवसीय प्रेक्षण विज्ञान कार्यशाला का शुभारंभ

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भीमताल/नैनीताल।
ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी, भीमताल परिसर तथा आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान अनुसंधान संस्थान (एरीज़), नैनीताल के संयुक्त आयोजन में पाँच दिवसीय प्रेक्षण विज्ञान कार्यशाला “प्रेक्षण विज्ञान में तकनीकी उन्नति: वर्तमान स्थिति एवं भविष्य की दिशा” का शुभारंभ किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य प्रेक्षण एवं अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में अकादमिक सहयोग को सुदृढ़ करना तथा शोध-आधारित शिक्षण को प्रोत्साहित करना है।

कार्यक्रम का उद्घाटन एरीज़, नैनीताल में किया गया, जहाँ संस्थान के निदेशक डॉ. मनीष नाजा ने गणमान्य अतिथियों का स्वागत किया। अपने संबोधन में उन्होंने इस संयुक्त अकादमिक पहल पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए दोनों संस्थानों के बीच प्रभावी शैक्षणिक संवाद की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने अल्पकालिक शैक्षणिक सहभागिता के साथ-साथ दीर्घकालिक सहयोग, जैसे एकीकृत एम.एससी.–पीएच.डी. एवं संयुक्त पीएच.डी. कार्यक्रमों की संभावनाओं को रेखांकित किया तथा एरीज़ की उन्नत शोध सुविधाओं के प्रभावी उपयोग हेतु विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को प्रेरित किया।

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इस अवसर पर प्रो. (कर्नल) ए.के. नायर (सेवानिवृत्त), निदेशक, ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी, भीमताल परिसर ने एरीज़ को “देवभूमि में स्थित ब्रह्मांडीय खोज का मंदिर” बताते हुए इस साझेदारी को अकादमिक जगत और उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधान के बीच सेतु सुदृढ़ करने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह सहयोग साझा अनुसंधान, नवाचार तथा विद्यार्थियों को उन्नत वैज्ञानिक अनुभव प्रदान करने में नई ऊँचाइयाँ प्राप्त करेगा।

प्रो. (डॉ.) एम.सी. लोहानी, निदेशक, ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी, हल्द्वानी परिसर ने ग्राफिक एरा और एरीज़ के बीच चली आ रही समृद्ध अकादमिक यात्रा पर प्रकाश डालते हुए कार्यशाला के सफल आयोजन पर दोनों संस्थानों को बधाई दी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह कार्यक्रम दीर्घकालिक एवं सार्थक शैक्षणिक उपलब्धियाँ प्रदान करेगा।

कार्यशाला के उद्घाटन दिवस पर चार तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। प्रथम तकनीकी सत्र में डॉ. मनीष नाजा ने एरीज़ का संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत करते हुए संस्थान के विभिन्न परिसरों, प्रमुख विभागों, अत्याधुनिक प्रेक्षण सुविधाओं तथा खगोल विज्ञान, खगोल भौतिकी एवं वायुमंडलीय विज्ञान के क्षेत्र में चल रहे प्रमुख अनुसंधान कार्यों की जानकारी दी।

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द्वितीय तकनीकी सत्र में ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी, भीमताल परिसर के निदेशक ने ग्राफिक एरा को एक सशक्त अकादमिक केंद्र बताते हुए इसकी सुव्यवस्थित शैक्षणिक संरचना, शोध-केंद्रित संस्कृति तथा तकनीक-सक्षम अधोसंरचना पर प्रकाश डाला। उन्होंने विश्वविद्यालय के एनवीडिया के साथ रणनीतिक सहयोग का उल्लेख करते हुए परिसर में स्थापित जीपीयू-सक्षम उच्च प्रदर्शन संगणना (हाई परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग – एचपीसी) संसाधनों की जानकारी दी, जो उन्नत शोध, कृत्रिम बुद्धिमत्ता तथा बड़े डेटा विश्लेषण में सहायक हैं। साथ ही उन्होंने उत्तराखंड की पहली हाई परफॉर्मेंस आईओएस प्रयोगशाला की स्थापना का उल्लेख करते हुए उद्योग-उन्मुख शिक्षा, नवाचार एवं उभरती तकनीकों के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।

तृतीय तकनीकी सत्र में डॉ. जीवन चंद पांडे ने एरीज़ में संचालित शोध एवं नवाचार कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए ग्राफिक एरा के साथ संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं, छात्र इंटर्नशिप, फैकल्टी एक्सचेंज तथा सह-पर्यवेक्षण जैसी सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की।

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तकनीकी सत्रों का समापन प्रो. (डॉ.) अंकुर बिष्ट के विशेषज्ञ व्याख्यान “क्षितिज के पार: जेनरेटिव कृत्रिम बुद्धिमत्ता और ब्रह्मांड का समन्वय” के साथ हुआ। उन्होंने खगोलीय डेटा विश्लेषण, सिमुलेशन तथा अगली पीढ़ी की प्रेक्षण विज्ञान प्रणालियों में जेनरेटिव एआई के उपयोग पर प्रकाश डालते हुए संगणनात्मक बुद्धिमत्ता और ब्रह्मांडीय अन्वेषण के समन्वय को रेखांकित किया।

कार्यक्रम के उपरांत प्रतिभागियों ने एरीज़ की इलेक्ट्रॉनिक्स प्रयोगशाला एवं स्ट्राडार (STRADAR) सुविधा का भ्रमण किया तथा संवादात्मक सत्रों में भाग लिया। कार्यशाला का पहला दिन ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी, भीमताल और एरीज़, नैनीताल के बीच एक सुदृढ़, दूरदर्शी एवं भविष्यन्मुखी अकादमिक एवं शोध साझेदारी की मजबूत आधारशिला सिद्ध हुआ।

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