जिले में लोगो को अतिक्रमण के नाम पर उजाड़ा जा रहा, पूर्व दर्जा राज्यमंत्री

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हल्द्वानी। नैनीताल ज़िले के ओखलकांडा के पतलोट, खनस्यू, रामगढ़, नथुवाखान, लेटीबूगा, पदमपुरी, चांफी, विनायक, खुटानी, धारी, कसियालेख, भीमताल, सलडी, ज्योलीकोट आदि प्रमुख स्थानों सहित पूरे भीमताल विधानसभा के लोगों को उजाड़े जाने की साजिश के विरोध में पूर्व दर्जा राज्यमंत्री हरीश पनेरू के नेतृत्व में एक दिवसीय धरना दिया गया है।

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कहा गया कि भीमताल विधानसभा की साठ प्रतिशत पहाड़ी मूल के लोग इससे प्रभावित हो रहे हैं। इसके साथ ज्योलीकोट से हल्द्वानी तक सड़क किनारे दुकानें के द्वारा अपनी आजीविका चलाने वाले उत्तराखंड के मूल निवासियों को उत्तराखंड सरकार को भी मालिकाना हक़ देना चाहिए। क्योंकि चिन्हीकरण के नाम पर पतलोट, खंस्नयू सहित अति पिछड़े इलाक़ों में निशान लगाकर दहशत का माहौल पैदा किया जा रहा है। यह न्यायसंगत प्रतीत नहीं होता है। क्षेत्रों में 1950 से विस्थापित दुकानदार पर्यटन के साथ साथ उत्तराखंड में पलायन को रोकने में मददगार साबित हुए हैं। उस टाइम पर वन पंचायत ने प्रस्ताव पारित कर उक्त भूमि दी गई थी, इसलिए प्रदेश सरकार उनको उजाड़ने से बचाने के लिए वन पंचायत भूमि बंजर भूमि बेनाप भूमि पर बसे लोगों को मालिकाना हक़ दे, तभी उत्तराखंड से पलायन एवं उत्तराखंड के मूल निवासियों की रक्षा हो सकती है।

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