ग्राफिक एरा हिल विश्वविद्यालय, भीमताल में एआई आधारित शिक्षण पर पाँच दिवसीय एफडीपी का शुभारंभ

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भीमताल।
ग्राफिक एरा हिल विश्वविद्यालय, भीमताल परिसर के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट द्वारा 19 जनवरी 2026 को पाँच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) “कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में शिक्षण एवं अधिगम का भविष्य” विषय पर आरंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ किया गया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में कुमाऊँ विश्वविद्यालय, नैनीताल के कंप्यूटर विज्ञान विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सुनील कुमार अरोड़ा का स्वागत एवं सम्मान किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ग्राफिक एरा हिल विश्वविद्यालय, भीमताल परिसर के निदेशक ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता को कोई चुनौती के रूप में देख रहा है तो कोई अवसर के रूप में, ठीक उसी प्रकार जैसे कभी इंटरनेट के आगमन पर प्रतिक्रियाएँ देखने को मिली थीं। उन्होंने कहा कि तकनीकी प्रगति के बावजूद शिक्षकों की भूमिका सदैव महत्वपूर्ण बनी रहेगी। एआई शिक्षण प्रक्रिया को सशक्त बना सकता है, लेकिन शिक्षक का मार्गदर्शन और मेंटरशिप कभी प्रतिस्थापित नहीं की जा सकती।

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निदेशक ने प्रतिभागियों को एआई को सहयोगी उपकरण के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित किया तथा आशा व्यक्त की कि यह एफडीपी शिक्षण एवं शोध में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देगा।

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इसके पश्चात डॉ. सुनील कुमार अरोड़ा ने “कृत्रिम बुद्धिमत्ता और शिक्षा का भविष्य” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार एआई शिक्षण विधियों, अधिगम प्रक्रियाओं एवं शैक्षणिक अनुसंधान को नया स्वरूप प्रदान कर रहा है। उन्होंने व्यक्तिगत शिक्षण, स्मार्ट कक्षाओं तथा डेटा आधारित निर्णय प्रणाली में एआई की भूमिका पर प्रकाश डाला।

डॉ. अरोड़ा ने छात्र व्यवहार की निगरानी, एआई आधारित सुपरविजन, चैटबॉट सहायता प्रणाली, एनएलपी टूल्स जैसे ऑटो-करेक्शन, स्पीच-टू-टेक्स्ट, टेक्स्ट-टू-स्पीच, गेमिफिकेशन, वर्चुअल लैबोरेट्री एवं एआई आधारित प्रॉक्टरिंग जैसी आधुनिक तकनीकों की भी जानकारी दी। उन्होंने शिक्षकों को शिक्षण एवं शोध में एआई की संभावनाओं को अपनाने तथा व्यक्तिगत शिक्षण दृष्टिकोण विकसित करने के लिए प्रेरित किया।

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कार्यक्रम का समापन औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। एफडीपी के पहले दिन ने प्रतिभागियों में उत्साह एवं जिज्ञासा का संचार किया और आगामी सत्रों के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार किया।

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