सेना की गरुड़ डिवीजन में शुक्रवार शाम गारद कमांडर ने काम के सिलसिले में उत्तराखंड से आए हवलदार की गोली मारकर हत्या कर दी। आरोपी ने पुलिस को खुदकुशी बताकर सूचना दी थी लेकिन सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से पूरे घटनाक्रम का खुलासा हो गया। पुलिस ने आरोपी गारद कमांडर को गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त राइफल बरामद कर ली है।
असम में जिला दिमहिसार के हाफलौंग निवासी गोपाल ज्योशी के पुत्र हवलदार कमल ज्योशी (40) सेना में गरुड़ डिवीजन की 606 ईएमई बटालियन में तैनात थे। इन दिनों उनकी बटालियन की तैनाती उत्तराखंड के देहरादून में है। वह सपरिवार वहीं पर रहते थे। उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्त के लिए आवेदन किया और इसी काम के सिलसिले में शुक्रवार को गरुड़ डिवीजन आए थे। शाम करीब साढ़े सात बजे पुलिस को सूचना मिली कि गरुड़ डिवीजन के मेहता द्वार पर तैनात संतरी की इंसास राइफल से एक फौजी ने खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली। सूचना पर एसएसपी, एसपी सिटी, सीओ, बारादरी और कैंट थाने के इंस्पेक्टर फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम को भी बुला लिया गया।
छानबीन के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक की तो सामने आया कि गारद कमांडर आंध्र प्रदेश निवासी हवलदार रत्ना राजेश ने ड्यूटी तैनात संतरी बृजलाल की राइफल लेकर उसमें गोली लगाई और कमल की ठोडी के नीचे रखकर गोली चला दी, जिससे उनकी मौत हो गई।
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