राज्य आंदोलनकारियों के आरक्षण पर चर्चा के वक्त संसदीय कार्यमंत्री प्रेमचंद अग्रवाल भी भावुक हो उठे। राज्य आंदोलन के दिनों की याद करते हुए उनकी आंखे भी छलछला उठी। पक्ष और विपक्ष के विधायकों के आंदोलनकारी आरक्षण विधेयक में संशोधन की मांग के साथ खुद को जोड़ते हुए उन्होंने प्रस्तावित विधेयक को प्रवर समिति देने की घोषणा कर दी।
अग्रवाल ने कहा कि वे स्वयं राज्य आंदोलनकारी रहे हैं। आंदोलन के दौरान जो जो अत्याचार हुए हैं, उन्हें शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। देर रात अग्रवाल ने हिंदुस्तान को बताया कि सदन की भावनाओं का सम्मान करते हुए विधेयक को प्रवर समिति को सौंपने का निर्णय किया गया है। प्रवर समिति की संस्तुति के अनुसार आगे निर्णय लिया जाएगा।
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