गाँवो के डिजिटल सजरा मैप तैयार होंगे

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उत्तराखंड के 16687 गांवों के डिजिटल सजरा मैप तैयार होंगे। अभी तक पटवारियों के पास मौजूद कपड़े के राजस्व मैप से ही काम चलाया जा रहा है। लोगों को अपनी जमीन की असल जानकारी लेने को पटवारियों के चक्कर काटने होते हैं। डिजिटल मैप से लोगों को अधिक दिक्कत पेश नहीं आएगी। एक क्लिक पर लोगों को एक एक जानकारी उपलब्ध होगी।

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उत्तराखंड के कुल 16687 गांवों के लिए कुल 84816 डिजिटल सजरा मैप तैयार किए जाने हैं। रेवेन्यू रिकॉर्ड दुरुस्त किए जाने और फर्जीवाड़े पर रोक लगाने को डिजिटल रिकॉर्ड पर फोकस किया जा रहा है। इसी कड़ी में सबसे पहले रेवेन्यू रिकॉर्ड को ऑनलाइन किया जा रहा है। रिकॉर्ड को डिजिटाइज्ड किया जा रहा है। ताकि लोगों को तहसील, पटवारियों के चक्कर न काटने पड़े। रिकॉर्ड में किसी भी तरह की कोई छेड़छाड़ न हो सके। इसी कड़ी में सभी कपड़े के सजरा मैप को डिजिटल में बदला जा रहा है। इसके लिए एक एक मैप को स्कैन किया जा रहा है। अभी तक 52644 मैप स्कैन हो चुके हैं। इनकी फाइनल शीट जारी हो चुकी है। 10442 गांवों के सजरा मैप डिजिटाइज्ड किए जा चुके हैं। अब 6245 गांवों के मैप तैयार होने बाकि हैं।

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डिजिटल मैप पर मिलेगी एक एक प्लॉट की लोकेशन डिजिटल मैप में न सिर्फ गांवों की जमीनों के एक एक नक्शे की जानकारी मिलेगी। बल्कि एक एक रिकॉर्ड को कोई भी व्यक्ति अपने मोबाइल पर ही देख सकेगा। किस सजरा प्लान के किस खसरे में कौन सी जमीन किस किस व्यक्ति के नाम पर दर्ज है, उसकी गूगल लोकेशन समेत जानकारी उपलब्ध रहेगी। हर प्लॉट की गूगल लिंक के अनुसार सीमाएं तक अंकित मिलेंगी।

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