भवाली। नगर के मुख्य चौराहे पर बुधवार को मनरेगा का बजट कम किए जाने के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार का पुतला दहन किया। कार्यक्रम का नेतृत्व पूर्व दर्जा राज्य मंत्री एवं पीसीएस उत्तराखंड खष्टी बिष्ट ने किया।
इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में कहा कि वर्ष 2005 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा मनरेगा रोजगार गारंटी योजना की शुरुआत गरीब परिवारों को आजीविका का सहारा देने के उद्देश्य से की गई थी। वर्ष 2009 में इस योजना के अंतर्गत गरीब परिवारों को 100 दिन का रोजगार मिल रहा था, जिसमें 90 प्रतिशत बजट केंद्र सरकार और 10 प्रतिशत बजट राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाता था। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि आज महंगाई और बेरोजगारी के इस दौर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार ने मनरेगा का नाम बदलने के साथ-साथ इसके बजट में भारी कटौती कर गरीब मजदूरों के अधिकारों पर डाका डाला है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड प्रदेश में पर्यटन के अलावा आय के अन्य संसाधन सीमित हैं, ऐसे में राज्य सरकार द्वारा 40 प्रतिशत बजट वहन करना बेहद कठिन है। वक्ताओं ने कहा कि मनरेगा जैसी योजना गरीब और मजदूर वर्ग के लिए जीवन रेखा है, लेकिन केंद्र सरकार की नीतियों के चलते यह योजना कमजोर होती जा रही है। इस दौरान पर पालिका अध्यक्ष पंकज आर्य, पूर्व पालिका अध्यक्ष भुवन सिंह अधिकारी, पूर्व दर्जा राज्य मंत्री खष्टी बिष्ट, वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुजान रजवार, रमेश आर्य, जिला अध्यक्ष एससी प्रकोष्ठ हरेंद्र कुमार, सुरेश सिंह, राजेंद्र ममता बिष्ट, अंजू चौधरी, निशा बिष्ट, जया कपिल, सीमा, कुमारी रचना सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता रहे।
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