दो दशकों से भाजपा में रहे वीरेंद्रपाल भंडारी ने बदरीनाथ उपचुनाव में निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा की है। वह 21 जून को नामांकन करेंगे। बुधवार को ही वीरेंद्र पाल ने नामांकन पत्र खरीदा है। वीरेंद्र पाल के चुनाव लड़ने की घोषणा से उनकी पार्टी के प्रति नाराजगी सार्वजनिक हो गई है। वीरेंद्र पाल भंडारी भाजपा प्रत्याशी और पूर्व विधायक राजेन्द्र सिंह भंडारी के चचेरे भाई हैं।
फोन पर बातचीत में उन्होंने कहा कि बदरीनाथ विस उप चुनाव में भाजपा नेतृत्व ने ऐसे व्यक्ति को प्रत्याशी बनाया जिसने हमेशा भाजपा को आरोपों के घेरे में रखा। कहा वे 21 जून को नामांकन करेंगे। चमोली के पोखरी ग्रामीण मण्डल से पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष सहित भाजयुमो और भाजपा के कई अहम पदों पर रहे वीरेंद्र के भाजपा से बगावत करने के बाद उनके चुनाव लड़ने के ऐलान ने चुनाव को रोचक बना दिया है। 2014 में वीरेंद्र की पत्नी सरिता भंडारी भाजपा के समर्थित उम्मीदवार के तौर पर सलना वार्ड से पूर्व विधायक राजेंद्र भंडारी की पत्नी व वर्तमान ज़िला पंचायत अध्यक्ष रजनी भंडारी के खिलाफ भी चुनाव लड़ चुकी हैं। उस दौरान सरिता भंडारी 90 मतों से हार गई थी। वीरेंद्रपाल भंडारी ने कहा वह लंबे समय से भाजपा कार्यकर्ता रहें हैं। उनकी विचारधारा पूरी तरह भाजपा से प्रभावित हैं। लेकिन वह किसी दल से नहीं बल्कि निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर उपचुनाव लड़ेंगे। बदरीनाथ सीट पर कांग्रेस ने लखपत बुटोला को प्रत्याशी घोषित किया है।
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