मकान मालिक के बकाया नही देने पर ठेकेदार पर मुकदमा दर्ज

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कालाढूंगी। निर्माणाधीन मकान के बकाया रुपये ठेकेदार द्वारा नही देने पर मकान मालिक पटवारी सुरेश चंद्र सनवाल ने एसएसपी को पत्र लिख कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने पत्र लिख कहा कि 3 अक्टूबर 2021 को गुलजारपुर बंकी, तहसील कालाढूंगी में मकान बनाने को ठेकेदार सुरेंद्र बोरा, बलवंत सिंह के साथ एग्रीमेंट किया था। बलवंत बिष्ट आर्किटेक्ट द्वारा मानचित्र बनाया था। जिसका कुल क्षेत्रफल 2837 28 sq. ft. का नक्शा तैयार किया गया। जिसके आधार पर भवन का निर्माण किया जाना था। उन्होंने ठेकेदार को बताया था कि बार- बार कार्य देखने नहीं आ सकते हैं। विस्वास पर ही कार्य करने की सहमति बनी। ठेकेदार ने 8 महीने में मकान तैयार कर देने को कहा था।

जब मकान देखने एक दिन गए तो क्षेत्रफल बड़ा दिखा। ठेकेदार से बात की तो कहने कगा गलती से बड़ा दिया गया है। और कहने लगा मेरी पहुंच बहुत बड़ी है, में आपका लोन बड़वा दूंगा, और कहने लगा जिस आर्किटेक्ट से आपने नक्शा बनवाया है वह मेरा इस कार्य में 3% का पार्टनर है। उसने ही भवन बनाया गया है। अब तुम्हारा मकान 2837.28 के बजाए 4266.00 वर्ग फीट का बन गया है। यह सुनकर मुझे आर्किटेक्ट पर कॉफी गुस्सा आया। मैंने उसे फोन किया तो उसने नहीं उठाया तो तुरंत मैंने आवेश में आकर उसे मैसेज किया ताकि वह जल्दी से फ़ोन करे। परन्तु उसने फोन फिर भी नहीं किया और मेरा नंबर भी ब्लॉक कर दिया। मैंने उसके बाद ठेकेदार से कहा कि आप लोग रविवार को आओ, हिसाब देखते है। मेरे पास इतने पैसे नहीं है। ठेकेदार ने कहा कि हम लोग रविवार को रेस्ट करते हैं काम पर नहीं आते। मैं आपका लोन बढ़वा रहा हूँ। आप मुझे बचे हुए पैसे बाद में दे देना। फिर में अपनी नौकरी में व्यस्त हो गया। अपनी धर्म पत्नी को ही कार्य देखने को कहा कुछ दिन बाद मेरी पत्नी का फोन मेरे पास आया कि बलवंत सिंह, संदीप सनवाल तथा सुरेंद्र बोरा आज यहाँ मकान का कार्य देखने आये है। और मेरे साथ अभद्र व्यवहार व आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग कर रहे हैं, और कह रहे है कि अपने पति को मकान के बारे में कुछ मत बताना, बस उनसे पैसे मांगते रहो और उसके बाद बलवंत सिंह ने मुझे 70 लाख का बिल भेजा। उसे देख कर मेरे होश उड़ गए कि आर्किटेक्ट ने मेरे साथ बहुत बड़ा धोखा व जालसाजी की है। केवल अपने कमीशन के चक्कर में किया है। इसी आर्किटेक्ट ने मुझसे शुरू में कहा था कि 45-50 लाख में आपका मकान पूर्ण करवा दूंगा। तत्पश्चात ठेकेदार सुरेंद्र बोरा से बात की तो कहने लगा कि हम तुम्हारे मकान में तीन पार्टनर है। हमारा काम केवल सामान देना है। मकान घटाना-बढ़ाना बलवंत सिंह के हाथ में ही है। तुम्हे जो करना है कर लो, तुम्हे पैसा हमारा पूरा ही देना पड़ेगा चाहे गलती हमारी ही हो, वरना ज्यादा कहोगे तो हम तुम्हारे मकान को नष्ट कर देंगे ताकि रहने लायक न रहे। हमारी पहुँच बहुत ऊंची है और धमकियां देने लगा। मैंने मकान का काम तो पूरा करो और उससे एग्रीमेंट की कॉपी की मांग की जब उसके द्वारा एग्रीमेंट की कॉपी दी गयी तो देखा कि एग्रीमेंट में ऊपर के एग्रीमेंट के दोनों पेज उसके द्वारा बदल दिए गए थे, जबकि एग्रीमेंट हस्ताक्षर करते वक्त मैंने प्रत्येक पेज पर हस्ताक्षर किये थे। परन्तु उसमें ऊपर के पेज मेरे बिना हस्ताक्षर के थे, पूछने पर वह चुप हो गया। 8 माह पूर्ण होने पर मैंने ठेकेदार से कहा कि आप मकान का कार्य पूर्ण नहीं, रहे हो. मैंने आपको 58 लाख रूपये दे दिए है आप फिनिशिंग कार्य पूरा करो जो आपका हिसाब देना होगा वह मैं पूरा दूंगा। परन्तु वह 15 लाख की और मांग करने लगा और कहने लगा कि मैं 15 अक्टूबर 2022 तक कार्य पूरा कर दूंगा और आपको मकान की चाबी दे दूंगा। परन्तु कार्य पूरा नहीं हुआ तो कहने लगा कि 14 नवम्बर 2022 तक दे दूंगा, फिर भी काम पूरा नहीं किया. हमारे घर में शादी समारोह था जिस कारण मुझे ही अपने साथियों की सहायता लेकर मकान का कार्य पूरा करना पड़ा। बिजली और सेनेटरी में लगी लगभग 7 लाख का खर्चा आया। जब हिसाब- पिताब जोड़ा गया तो ठेकेदार की तरफ 6 लाख ज्यादा चले गए थे। मैने उन्हें आर्किटेक्ट के द्वारा बनाया गया बिल व भवन की नापजोप की कॉपी दी तो कहने लगा कि आपने 11 लाख देने है, में अब थाने बुलाऊंगा, वही मिलेंगे। कालाढूंगी थाने में बार-बार बुलाया गया, यह तय हुआ कि दोनों की नपाई नहीं मानी जाएगी। एक किसी तीसरे व्यक्ति से नपाई की जाये वही दोनों को मान्य होगी सहमति जताई गयी परन्तु जब तीसरे आर्किटेक्ट द्वारा नपायी का बिल दिया गया तो ठेकेदार मानने को तैयार नहीं हुआ और FIR की धमकी देने लगा मुझे जो 6 लाख वापस करने थे वह देने को मना करने लगा।
थानाध्यक्ष नंदन रावत ने बताया कि 420 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

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