चोरपानी गांव में फर्जी आवासीय पट्टे पर जिला विकास प्राधिकरण से नक्शा पास कराने का मामला सामने आया है। पटवारी की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी दो लोगों पर केस दर्ज किया है।। हालांकि, फर्जी पट्टे की जानकारी होने पर प्राधिकरण ने भी नक्शा रद कर दिया है
शनिवार को पटवारी रणवीर सिंह ने पुलिस को बताया कि प्रकाश सिंह पुत्र पूरन सिंह व मदन सिंह निवासी चोरपानी ने जिला प्राधिकरण से आवास बनाने के लिए नक्शा पास कराया था। एसडीएम के अनुसार जांच करने पर तहसील में कोई भी इस तरह का पट्टा नहीं मिला। इस पर पटवारी से जांच करवाई गई। पट्टा पूरी तरह से फर्जी बनाया गया था। जमीन के कागजों से भी छेड़छाड़ कर खसरा संख्या भी बदली गई। पुलिस के मुताबिक तहरीर के आधार पर आरोपियों पर धोखाधड़ी समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया है। उधर, जिला विकास प्राधिकरण की संयुक्त सचिव के अनुसार आरोपियों के पास फर्जी पट्टे की सूचना मिली थी। इसके बाद तत्काल नक्शा रद कर दिया। वहीं बनाया गया निर्माण भी जल्द तोड़ा जाना है। आरोपियों पर जिला विकास प्राधिकरण भी मुकदमा दर्ज कराएगा। इसके संबंध में जेई से जानकारी ली जा रही है। प्राधिकरण के जेई ने तहसील प्रशासन पर सवाल खड़ा किया है। उनका कहना है कि तहसील से जारी प्रपत्रों के आधार पर नक्शा पास किया गया था। बाद में नक्शा फर्जी बताया गया है। आरोपी ने निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया है। सूत्रों की मानें तो रामनगर में बिना नक्शा पास कराए कई जगह निर्माण हो रहा है।
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