गढ़भोज दिवस पर पारंपरिक अनाजों के संरक्षण और कृषि संकट पर हुआ मंथन

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भवाली। राजकीय महाविद्यालय दोषापानी, नैनीताल में गढ़भोज दिवस के अवसर पर ऑनलाइन वेबिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य अजरा परवीन के संबोधन से हुआ। मुख्य अतिथि निदेशक उच्च शिक्षा उत्तराखंड प्रो. आनंद सिंह उनियाल रहे। विशिष्ट अतिथि उपनिदेशक उच्च शिक्षा प्रो. राजेंद्र सिंह भाकुनी एवं उपनिदेशक उच्च शिक्षा उत्तराखंड प्रो. अंजला दुर्गापाल रहीं। मुख्य वक्ता डॉ. भुवन तिवारी, विशिष्ट वक्ता डॉ. हरीश चंद्र जोशी तथा अतिथि वक्ता डॉ. सत्यमित्र सिंह ने विचार रखे। कार्यक्रम की संयोजक डॉ. अनीता नेगी रहीं। वक्ताओं ने पहाड़ में उगाए जाने वाले पारंपरिक मोटे अनाज मडुवा, झंगोरा, भट्ट सहित अन्य स्थानीय फसलों के उत्पादन, कृषि व्यवस्था और इनके आर्थिक महत्व पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही पहाड़ से लगातार हो रहे पलायन और कृषि संकट के कारणों पर भी विचार-विमर्श किया गया। वक्ताओं ने पारंपरिक कृषि एवं स्थानीय अनाजों को बढ़ावा देने को पहाड़ की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया। कृषक गणेश सिंह बिष्ट एवं महाविद्यालय की सचिव कु. रुचि बिष्ट ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम में डॉ. प्रीति त्रिवेदी, डॉ. रेनू जलाल, डॉ. कविता पंत, डॉ. दिशा पांडे, डॉ. प्रभजोत सिंह, हरि प्रसाद पंत, मोहन चंद सनवाल, बीना बगड़वाल, चंदन सिंह, गणेश बिष्ट, तुलसीदास भट्ट सहित छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. भुवन तिवारी एवं डॉ. अनीता नेगी ने संयुक्त रूप से किया।

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